Pakistan-Saudi Arabia Defense Deal: पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच रक्षा और आर्थिक सहयोग लगातार मजबूत होता जा रहा है। हाल ही में पाकिस्तान ने एक बड़े रणनीतिक फैसले के तहत अपने 13,000 सैनिकों और 10 से 18 लड़ाकू विमानों का एक दल सऊदी अरब भेजा है। यह तैनाती किंग अब्दुलअजीज एयर बेस पर की गई है, जहां पाकिस्तान एयर फोर्स के फाइटर जेट और सपोर्ट एयरक्राफ्ट भी शामिल हैं। इस कदम के पीछे सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि आर्थिक फायदे भी जुड़े हुए हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि इस समझौते से पाकिस्तान को क्या-क्या लाभ मिल सकते हैं।
Pakistan-Saudi Arabia Defense Deal: डील से क्या होगा फायदा ?
1. सऊदी और कतर से 5 अरब डॉलर की आर्थिक मदद
- इस रक्षा सहयोग का सबसे बड़ा फायदा पाकिस्तान को आर्थिक रूप में मिलने वाला है।
- सऊदी अरब और कतर ने मिलकर पाकिस्तान को लगभग 5 अरब डॉलर की सहायता देने का आश्वासन दिया है।
- भारतीय रुपये में यह रकम करीब 46.5 हजार करोड़ होती है।
- यह मदद ऐसे समय पर मिल रही है जब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था दबाव में है और उसका विदेशी मुद्रा भंडार लगातार घट रहा है।
- इस सहायता से पाकिस्तान को अपने जरूरी अंतरराष्ट्रीय भुगतान करने में आसानी होगी। खासकर जून तक जो बाहरी भुगतान करने हैं, उनमें राहत मिलेगी।
- इसके अलावा, पाकिस्तान को जल्द ही संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को लगभग 3.5 अरब डॉलर का कर्ज लौटाना है।
- ऐसे में यह आर्थिक मदद उसके लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकती है।
- बढ़ती महंगाई, महंगे आयात और मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण पाकिस्तान की स्थिति पहले ही कमजोर हो चुकी है, इसलिए यह फंडिंग बेहद अहम है।
2. पुराने कर्ज की वापसी में राहत
- सऊदी अरब ने पाकिस्तान को एक और बड़ी राहत दी है।
- उसने फिलहाल पाकिस्तान से पुराने कर्ज की वापसी की मांग नहीं करने का फैसला लिया है।
- दरअसल, साल 2018 में सऊदी अरब ने पाकिस्तान को 6 अरब डॉलर का सहायता पैकेज दिया था।
- इसमें 3 अरब डॉलर नकद जमा और 3 अरब डॉलर की तेल आपूर्ति सुविधा शामिल थी।
- इसके बाद 2021 में भी 3 अरब डॉलर की मदद दी गई, जिसे हर साल बढ़ाया जाता रहा है।
- अब इस कर्ज की अवधि को 2026 तक बढ़ा दिया गया है।
- इसका मतलब है कि पाकिस्तान को फिलहाल यह रकम वापस नहीं करनी होगी।
- इससे उसकी आर्थिक स्थिति पर दबाव कम होगा और वह अन्य जरूरी खर्चों पर ध्यान दे पाएगा।
3. ग्वादर में बड़े निवेश की योजना
- इस समझौते का एक और महत्वपूर्ण पहलू निवेश से जुड़ा है।
- सऊदी अरब पाकिस्तान के ग्वादर शहर में एक बड़े ऑयल रिफाइनरी प्रोजेक्ट में निवेश करने की योजना बना रहा है।
- इस प्रोजेक्ट में करीब 10 अरब डॉलर का निवेश हो सकता है।
- यह रिफाइनरी रोजाना लगभग 4 लाख बैरल तेल को प्रोसेस करने की क्षमता रखेगी।
- इस परियोजना में सऊदी अरब की बड़ी कंपनी और पाकिस्तान की स्थानीय कंपनियां मिलकर काम करेंगी।
- निवेश की हिस्सेदारी में लगभग 60% हिस्सा सऊदी अरब का होगा, जबकि 40% स्थानीय कंपनियों का रहेगा।
- इससे पाकिस्तान में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
- इसके अलावा, सऊदी अरब पाकिस्तान में करीब 1 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश भी कर सकता है।
- यही नहीं, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए भी लगभग 1 अरब डॉलर खर्च करने की योजना है। इससे देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और जनकल्याण में सुधार होगा।






















