फिलीपींस में 350 लोगों को ले जा रही फेरी डूबने से 13 लोगों की मौत, 100 से अधिक लापता

Summary :

Philippines Ferry Sinks: आज सुबह दक्षिणी फिलीपींस के बासिलान प्रांत के पास समुद्र में एक द्वीपों के बीच चलने वाली (इंटर-आइलैंड) फेरी डूब गई। इस फेरी में यात्रियों और कर्मचारियों समेत 300 से ज़्यादा लोग सवार थे। अधिकारियों के मुताबिक अब तक कम से कम 13 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 100 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।  दक्षिण-पश्चिमी मिंडानाओ में फ़िलीपींस तटरक्षक बल ने बताया कि यह फेरी ज़ाम्बोआंगा शहर से सुलु प्रांत के जोलो द्वीप जा रही थी। इसी दौरान बासिलान प्रांत के हाजी मुतामद इलाके में स्थित बालुकबालुक द्वीप के पास…

Philippines Ferry Sinks: आज सुबह दक्षिणी फिलीपींस के बासिलान प्रांत के पास समुद्र में एक द्वीपों के बीच चलने वाली (इंटर-आइलैंड) फेरी डूब गई। इस फेरी में यात्रियों और कर्मचारियों समेत 300 से ज़्यादा लोग सवार थे। अधिकारियों के मुताबिक अब तक कम से कम 13 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 100 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।  दक्षिण-पश्चिमी मिंडानाओ में फ़िलीपींस तटरक्षक बल ने बताया कि यह फेरी ज़ाम्बोआंगा शहर से सुलु प्रांत के जोलो द्वीप जा रही थी। इसी दौरान बासिलान प्रांत के हाजी मुतामद इलाके में स्थित बालुकबालुक द्वीप के पास यह हादसा हुआ।

सुबह तक बचाव दल ने समुद्र से कम से कम 13 शव निकाले। वहीं तटरक्षक बल, नौसेना के जहाज़ों और आसपास मौजूद मछली पकड़ने वाली नौकाओं की मदद से दर्जनों लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। कोस्ट गार्ड ने बताया कि 244 यात्रियों को बचा लिया गया है और 13 शव मिले हैं। फेरी के डूबने की वजह फिलहाल साफ़ नहीं हो सकी है। इस मामले की जांच की जाएगी। तटरक्षक बल का कहना है कि रवाना होने से पहले ज़ाम्बोआंगा बंदरगाह पर फेरी की जांच की गई थी और अधिक भार होने के कोई संकेत नहीं मिले थे। बचे हुए लोगों की सही संख्या अभी भी जांची जा रही है। खोज और बचाव अभियान लगातार जारी है। खराब समुद्री हालात के बावजूद विमान और समुद्री साधनों को इलाके में तैनात किया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि हादसे की असली वजह जांच के बाद ही सामने आएगी। फिलीपींस द्वीप समहू में समुद्री हादसे अक्सर होते रहते हैं। इसकी बड़ी वजहें हैं—बार-बार आने वाले तूफान, ठीक से रखरखाव न की गई नावें, ज़्यादा भीड़ और सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू न किया जाना, खासकर दूर-दराज के इलाकों में। बता दें कि इससे पहले दिसंबर 1987 में भी फ़िलीपींस में एक बड़ा समुद्री हादसा हुआ था, जब डोना पाज़ नाम की फेरी एक ईंधन टैंकर से टकरा गई थी। उस हादसे में 4,300 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और उसे शांतिकाल का दुनिया का सबसे बड़ा समुद्री हादसा माना जाता है।

–आईएएनएस

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