उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में निजी बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों को दुर्घटना बीमा का लाभ देने के निर्देश दिए हैं। सीएम धामी ने परिवहन सचिव को सरकारी और निजी बसों के मुआवजे में एकरूपता लाने के लिए 10 दिनों के भीतर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। वर्तमान में उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में यात्रा के दौरान दुर्घटना में मृत्यु होने पर मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष और सड़क सुरक्षा कोष से मृतक के परिजनों को कुल 5 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा निगम की ओर से भी 5 लाख रुपये की दुर्घटना मुआवजा राशि दी जाती है।
देर सायं शासकीय आवास पर उच्च स्तरीय बैठक कर प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान परिवहन सचिव को आगामी 10 दिनों के भीतर उत्तराखण्ड परिवहन निगम की तर्ज पर निजी ऑपरेटर द्वारा संचालित सवारी वाहनों में दुर्घटना होने… pic.twitter.com/LoFsNRmlDy
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) January 15, 2025
दुर्घटनाओं के दौरान मिलेगी 10 लाख की राशी
अब इस योजना का लाभ निजी बस संचालकों के यात्रियों को भी मिलेगा। इससे निजी बसों के यात्रियों के परिजनों को दुर्घटनाओं के दौरान कुल 10 लाख रुपये की राहत राशि मिल सकेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने का दर्द सभी परिवारों के लिए असहनीय होता है। ऐसे में राहत राशि में किसी भी प्रकार की असमानता नहीं होनी चाहिए।
CM पुष्कर सिंह धामी का निर्देश
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि सड़क सुरक्षा नियमावली को अगली कैबिनेट में जल्द ही प्रस्तुत किया जाए। इसके साथ ही सड़कों पर प्रवर्तन बढ़ाने, बसों की फिटनेस सुनिश्चित करने, ड्राइविंग टेस्ट और ड्राइवरों का स्वास्थ्य परीक्षण करने तथा शेष क्रैश बैरियर लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार सड़क सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभागों को इस दिशा में समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं।


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