पाकिस्तान की कोशिश नाकाम! अब पुतिन ने US-Iran युद्ध रोकने के लिए बनाया ये प्लान

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Russia will stop Iran-US war: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को खत्म करने की कोशिशों में पाकिस्तान की भूमिका कमजोर पड़ती नजर आ रही है। जहां एक तरफ पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ बनने की कोशिश कर रहा था, वहीं अब इस प्रक्रिया में रूस की एंट्री ने पूरे समीकरण को बदल दिया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खुद शांति वार्ता की कमान संभाल ली है और सक्रिय रूप से समाधान की दिशा में काम कर रहे हैं। Pakistan Mediation Failure: पाकिस्तान की कोशिशें क्यों रहीं नाकाम पाकिस्तान पिछले कुछ समय से…

Russia will stop Iran-US war: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को खत्म करने की कोशिशों में पाकिस्तान की भूमिका कमजोर पड़ती नजर आ रही है। जहां एक तरफ पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ बनने की कोशिश कर रहा था, वहीं अब इस प्रक्रिया में रूस की एंट्री ने पूरे समीकरण को बदल दिया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खुद शांति वार्ता की कमान संभाल ली है और सक्रिय रूप से समाधान की दिशा में काम कर रहे हैं।

Pakistan Mediation Failure: पाकिस्तान की कोशिशें क्यों रहीं नाकाम

Russia will stop Iran-US war (image- SM )
Russia will stop Iran-US war (image- SM )

पाकिस्तान पिछले कुछ समय से अमेरिका और ईरान के बीच संवाद स्थापित करने की कोशिश कर रहा था। लेकिन एक हफ्ते से ज्यादा समय बीतने के बावजूद वह दोनों देशों को एक मंच पर लाने में सफल नहीं हो पाया। इससे उसकी मध्यस्थ की भूमिका पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

इतना ही नहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इस दौरान चीन के दौरे पर चले गए, जहां उन्होंने अफगानिस्तान से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की। इससे यह संकेत मिला कि पाकिस्तान का फोकस इस मुद्दे पर पूरी तरह केंद्रित नहीं था।

US Iran conflict: हमले ने बिगाड़ा पूरा समीकरण

Russia will stop Iran-US war (image- SM )
Russia will stop Iran-US war (image- SM )

स्थिति उस समय और जटिल हो गई जब पाकिस्तान जिस माध्यम से ईरान तक संदेश पहुंचा रहा था, उस पर अमेरिका ने हमला कर दिया। इस हमले में वह नेता गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे गुप्त स्थान पर इलाज के लिए भर्ती कराया गया। इस घटना ने पाकिस्तान की कूटनीतिक कोशिशों को बड़ा झटका दिया। साथ ही, ईरान का भरोसा भी कमजोर पड़ गया कि यह प्रक्रिया सुरक्षित और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ सकती है।

ईरान का सख्त रुख

ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी तरह के समझौते के लिए तैयार नहीं है। देश के सर्वोच्च नेतृत्व ने संघर्ष जारी रखने का संकेत दिया है। ईरान के विदेश मंत्री का कहना है कि जब तक अमेरिका की ओर से हमले रुकने की गारंटी नहीं मिलती, तब तक बातचीत का कोई सवाल ही नहीं उठता। इस सख्त रुख ने शांति वार्ता की संभावनाओं को और कमजोर कर दिया है।

Russia will stop Iran-US war: रूस की बढ़ती सक्रियता

इसी बीच रूस ने इस पूरे मामले में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खुद इस मुद्दे को संभालते हुए शांति स्थापित करने के लिए एक रणनीति तैयार की है। रूस का कहना है कि वह मध्य पूर्व में स्थिरता लाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। पुतिन लगातार इस दिशा में अंतरराष्ट्रीय नेताओं से संपर्क कर रहे हैं और समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।

कूटनीतिक संपर्क तेज

रूस ने अपने प्रयासों को तेज करते हुए कई महत्वपूर्ण देशों से बातचीत शुरू कर दी है। पुतिन ने मिस्र के विदेश मंत्री से मुलाकात की और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस से फोन पर चर्चा की। इन बैठकों का मकसद उन देशों को साथ लाना है, जो इस संघर्ष में प्रभावशाली भूमिका निभा सकते हैं।

वैश्विक स्तर पर असर

रूस का मानना है कि मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक व्यापार और आपूर्ति व्यवस्था को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए वह ऐसे समाधान की तलाश में है, जो लंबे समय तक स्थिरता बनाए रख सके।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।