Tariff Cut Benefits to India: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बातचीत के बाद अमेरिका ने भारत पर लगाए गए टैरिफ को 25% से घटाकर 18 % कर दिया है। इसके साथ ही रूस के साथ तेल व्यापार के चलते लगाया गया अतिरिक्त 25% टैरिफ भी पूरी तरह हटा दिया गया है।
इस तरह कुल मिलाकर देखा जाए तो टैरिफ में 32% की राहत मिली है. इस फैसले से भारत की अर्थव्यवस्था को कई तरह के फायदे मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर एक्सपोर्ट, मैन्युफैक्चरिंग, शेयर बाजार और विदेशी निवेश को बड़ा सहारा मिलेगा।
Tariff Cut Benefits to India: अमेरिका ने उठाए थे ये कदम
हाल ही में भारत सरकार ने बजट में अमेरिकी टैरिफ से निपटने के लिए कई कदम उठाए थे। इसमें एमएसएमई सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का पैकेज और इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स को फिर से मजबूत करने की योजना भी शामिल थी। अब टैरिफ कम होने से इन प्रयासों को और गति मिल सकती है।

Trump Tariffs on India: मिलेंगे ये 5 बड़े फायदे
रुपये को मिलेगी मजबूती
अमेरिकी टैरिफ बढ़ने के बाद भारतीय रुपये पर काफी दबाव देखा गया था। साल 2025 में रुपये में 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई और जनवरी 2026 में यह डॉलर के मुकाबले 92 के स्तर तक पहुंच गया था। अब टैरिफ घटने के बाद रुपये में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। जानकारों का कहना है कि बाजार खुलते ही रुपये में 1 फीसदी या उससे ज्यादा की मजबूती आ सकती है और यह 90 के स्तर तक पहुंच सकता है। आने वाले दिनों में रुपये के 88 से 89 के बीच रहने की संभावना भी जताई जा रही है।
शेयर बाजार में लौटेगी रफ्तार
टैरिफ के चलते पिछले कुछ महीनों से शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया था। सेंसेक्स और निफ्टी अपने ऊंचे स्तर से करीब 5 फीसदी नीचे आ चुके थे। हालांकि सोमवार को बाजार में करीब 950 अंकों की तेजी देखने को मिली थी। अब टैरिफ कम होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है और बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। फरवरी महीने में सेंसेक्स और निफ्टी अपनी पिछली गिरावट की भरपाई कर सकते हैं।
विदेशी निवेशकों की हो सकती है वापसी
अमेरिकी टैरिफ के कारण विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से बड़ी रकम निकाली थी। सिर्फ जनवरी 2026 में ही करीब 35 हजार करोड़ रुपये की बिकवाली हुई थी। अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। टैरिफ घटने के बाद विदेशी निवेशकों का भरोसा दोबारा लौट सकता है और वे भारतीय बाजार में फिर से निवेश शुरू कर सकते हैं। इससे बाजार को मजबूती मिलेगी।

एक्सपोर्ट में आएगा उछाल
टैरिफ बढ़ने से अमेरिका को होने वाला भारत का निर्यात घट गया था। अप्रैल में जहां एक्सपोर्ट 8.4 बिलियन डॉलर था, वहीं दिसंबर में यह घटकर 6.88 बिलियन डॉलर रह गया। अब टैरिफ कम होने से आने वाले महीनों में भारत के एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसके साथ ही भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की संभावनाएं भी मजबूत हो रही हैं, जिससे व्यापार और तेजी से बढ़ सकता है।
FDI में भी बढ़ोतरी की उम्मीद
हाल के वर्षों में भारत में विदेशी निवेश यानी एफडीआई में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। हालांकि 2025 में इसमें अच्छी बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन अभी भी यह पुराने स्तर से कम है। अब अमेरिका के साथ रिश्ते बेहतर होने और टैरिफ घटने से विदेशी कंपनियों का भारत पर भरोसा और बढ़ेगा। इससे नए निवेश आने की संभावना है और आने वाले समय में एफडीआई 100 अरब डॉलर के पार भी जा सकता है।

India US Trade Deal: किन सेक्टरों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
अमेरिका द्वारा ट्रेड टैरिफ में दी गई राहत भारत के कई एक्सपोर्ट पर निर्भर उद्योगों के लिए अच्छी खबर है। पहले 27 अगस्त से कुछ उत्पादों पर 50% तक भारी टैक्स लगाया गया था, जिससे लागत बढ़ गई थी और अमेरिकी बाजार में भारतीय सामानों की बिक्री पर असर पड़ा था।
अब टैरिफ कम होने से उन कंपनियों को सीधा फायदा होगा जिनका कारोबार अमेरिका से जुड़ा है। इससे मुनाफे में सुधार, मुकाबले में मजबूती और नए ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ेगी। खास तौर पर टेक्सटाइल, सीफूड, ऑटो पार्ट्स, केमिकल्स और कुछ कंज्यूमर कंपनियों को लाभ मिल सकता है।
टेक्सटाइल और कपड़ा उद्योग
इस सेक्टर की कई कंपनियों को अमेरिकी बाजार से बड़ा फायदा हो सकता है:
- इंडो काउंट इंडस्ट्रीज
- काइटेक्स
- गोकलदास एक्सपोर्ट्स
- पर्ल ग्लोबल
- वेलस्पन इंडिया
- हिमात्सिंका साइड
- ट्राइडेंट
- वर्धमान टेक्सटाइल्स
- अरविंद
सीफूड सेक्टर
समुद्री खाद्य उत्पादों के निर्यात पर भी असर सकारात्मक रहेगा:
- एपेक्स फ्रोजन फूड्स
- वॉटरबेस
- अवंती फीड्स
ऑटो और ऑटो पार्ट्स कंपनियां
वाहन और उनके पुर्जे बनाने वाली कंपनियों को भी राहत मिलेगी:
- सोना बीएलडब्ल्यू
- रामकृष्ण फोर्जिंग
- भारत फोर्ज
- टाटा मोटर्स
- संवर्धन मदरसन
- बालकृष्ण टायर्स
- सनसेरा इंजीनियरिंग
केमिकल और एग्रोकेमिकल सेक्टर
इस क्षेत्र की बड़ी कंपनियों को भी फायदा होने की उम्मीद:
- यूपीएल
- एसआरएफ
- जुबिलेंट इंग्रेविया
- आरती इंडस्ट्रीज
- पीआई इंडस्ट्रीज
कंज्यूमर गुड्स कंपनियां
खाने-पीने और रोजमर्रा के सामान से जुड़ी कुछ कंपनियां भी लाभ में रहेंगी:
- एलटी फूड्स (दावत चावल)
- केआरबीएल (इंडिया गेट)
- टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स
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