UP Daroga Recruitment Question Controversy: उत्तर प्रदेश दरोगा परीक्षा में पूछे गए एक सवाल से विवाद खड़ा हो गया है। सवाल में पंडित वाले विकल्प ने योगी सरकार की भी टेंशन बढ़ा दी है। इतना कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी इससे नाराज हैं। CM योगी ने भी इसको लेकर सभी भर्ती बोर्ड को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा- जाति, धर्म को लेकर अमर्यादित टिप्पणी न की जाए। यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं है। बार-बार ऐसी गलती करने वालों को प्रतिबंधित किया जाए। आइए जानते हैं, क्या था वो प्रश्न जिसने इतना बड़ा विवाद खड़ा कर दिया।
Daroga Exam UP Pandit Vivad: इस प्रश्न से खड़ा हुआ विवाद

उत्तर प्रदेश में दो दिन चलने वाली दरोगा भर्ती परीक्षा का आज आखिरी दिन है। परीक्षा दो पालियों में कराई जा रही है। पहली पाली में सुबह 10 से 12 बजे तक परीक्षा हुई। दूसरी पाली दोपहर 3 से 5 बजे तक चलेगी। शनिवार को आयोजित परीक्षा में एक प्रश्न पूछा गया था, “अवसर के अनुसार बदल जाने वालों के लिए एक शब्द में उत्तर दें।” इसके लिए चार विकल्प दिए गए थे- पंडित, अवसरवादी, निष्कपट और सदाचारी। प्रश्न के विकल्प में ‘पंडित’ शब्द शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई गई है, जिसके बाद सरकार ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए जनहक के निर्देश दिए हैं।
दारोगा भर्ती का पेपर आया और तीसरा सवाल देखकर हँसी भी आई, गुस्सा भी आया ऑप्शन में सीधे ‘पंडित’ को अपराधी बना दिया? कल को पूछेंगे – सबसे बड़ा खतरा कौन?
A) आतंकवादी
B) पंडित
C) दोनों भाई ये ब्राह्मण समाज को जानबूझकर बदनाम करने की साजिश है या फिर पेपर बनाने वाले की दिमागी हालत खराब… pic.twitter.com/xXXJtbGRIF— Durgesh Shukla (@mydurgeshshukla) March 14, 2026
UP Daroga Recruitment Question Controversy: संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे- बोर्ड

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने कहा है कि 14 मार्च को उपनिरीक्षक और समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के बाद दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बोर्ड ने बताया कि प्रश्न पत्र स्थानीय स्तर पर तैयार नहीं किए जाते हैं। यह काम पूरी तरह गोपनीय संस्थाओं द्वारा किया जाता है ताकि परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र सुरक्षित रहें। बोर्ड के किसी अधिकारी या कर्मचारी को भी प्रश्न पत्र देखने की अनुमति नहीं होती।
परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि प्रश्न पत्रों के सील पैकेट परीक्षा केंद्र पर ही दो अभ्यर्थियों की उपस्थिति में खोले जाते हैं और फिर वितरित किए जाते हैं। संदिग्ध प्रश्न की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे
UP Daroga Exam: प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी

राज्य के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रश्न में दिए विकल्पों पर साकार को गंभीर आपत्ति है और इसे संज्ञान में लिया गया है। उन्होंने कहा- “जांच के बाद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी प्रश्न से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचती है तो यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।”
भाजपा के ब्राह्मण समुदाय से संबंध रखने वाले शलभ मणि त्रिपाठी, प्रकाश द्विवेदी और रमेश मिश्र ने इसपर विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पात्र लिखकर कार्रवाई की मांग की।
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