अमेरिका ने 6 बी-2 स्टेल्थ बमवर्षकों को गुआम की ओर रवाना किया है, जो प्रशांत महासागर के ऊपर ईंधन भरते हुए भारी पेलोड ले जा रहे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि ये विमानों की तैनाती संभावित ऑपरेशन की तैयारी हो सकती है। इज़रायल की चिंता और ट्रम्प की चेतावनी ने इस स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
अमेरिका द्वारा ईरान के अत्यधिक संरक्षित परमाणु संयंत्रों को निशाना बनाने की संभावनाएं एक बार फिर चर्चा में हैं। इसकी वजह है अमेरिका से एक साथ 6 बी-2 स्टेल्थ बमवर्षक विमानों का उड़ान भरना, जो वर्तमान तनावपूर्ण स्थिति में एक गंभीर संकेत माना जा रहा है।
छह बी-2 स्टेल्थ बमवर्षक विमानों ने भरी उड़ान
फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा और हवाई यातायात नियंत्रण के ऑडियो कम्युनिकेशन से यह पुष्टि हुई है कि अमेरिका के मिसौरी स्थित व्हाइटमैन एयर फोर्स बेस से छह बी-2 स्टेल्थ बमवर्षक विमानों ने उड़ान भरी। ये सभी विमान प्रशांत महासागर में स्थित गुआम के अमेरिकी वायुसेना अड्डे की ओर बढ़ते हुए देखे गए हैं।
गुप्त मिशन पर निकले बी-2 स्टेल्थ बमवर्षक
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने 6 बी-2 स्टेल्थ बमवर्षकों को अपने मिसौरी स्थित व्हाइटमैन एयर फोर्स बेस से उड़ान भरते हुए गुआम की ओर रवाना किया है। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा और एयर ट्रैफिक कंट्रोल ऑडियो से यह संकेत मिला है कि ये विमानों ने प्रशांत महासागर के ऊपर हवा में ही ईंधन भरा, जिससे यह संकेत मिलता है कि ये भारी पेलोड—संभवत: बंकर-बस्टर बम—हो सकते हैं।
भूमिगत परमाणु ठिकानों पर हमले की तैयारी
इन विमानों की उड़ान और उनकी दिशा से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि अमेरिका संभवतः ईरान के फ़ोर्डो जैसे अत्यधिक सुरक्षित और भूमिगत परमाणु ठिकानों पर हमले की तैयारी में है। इन ठिकानों को केवल बंकर-बस्टर बमों से ही प्रभावी रूप से निशाना बनाया जा सकता है – और ये खास हथियार केवल अमेरिका के पास मौजूद हैं।
अमेरिका के पास विशेष बंकर-बस्टर हथियार
बी-2 बमवर्षक विमान दो भारी-भरकम बंकर-बस्टर बम ले जाने में सक्षम होते हैं, जिनका वजन लगभग 15 टन होता है। ये अत्याधुनिक बम गहराई में स्थित और मजबूत किलेबंदी वाले ठिकानों को भी नष्ट कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे बम केवल अमेरिका के पास हैं और इन्हें ईरान के फ़ोर्डो जैसे परमाणु ठिकानों पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
फ़ोर्डो को निशाना बना सकते हैं बी-2 बमवर्षक
ईरान का फ़ोर्डो संयंत्र एक अत्यंत सुरक्षित और भूमिगत परमाणु ठिकाना है, जिसे केवल बंकर-बस्टर जैसे हथियारों से ही तबाह किया जा सकता है। यही कारण है कि रक्षा विश्लेषक मान रहे हैं कि इन बी-2 विमानों की तैनाती केवल “अभ्यास” नहीं, बल्कि एक संभावित ऑपरेशन की तैयारी हो सकती है।
इज़रायल की चिंता और अमेरिका की भूमिका
इस पूरे घटनाक्रम के बीच इज़रायल ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर अमेरिका कार्रवाई नहीं करता, तो वह स्वतः फ़ोर्डो पर हमला करने के लिए तैयार है। वहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कहा है कि वह अगले दो सप्ताह में निर्णय लेंगे कि ईरान पर हमला किया जाए या नहीं। ट्रम्प ने यह भी दोहराया कि ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत के लिए आना होगा, अन्यथा अमेरिका कार्रवाई करने के लिए तैयार है।
अमेरिका अब किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सैन्य दृष्टि से पूरी तरह तैयार
बी-2 बमवर्षकों की यह तैनाती और इनकी संभावित बंकर-बस्टर क्षमताएँ यह संकेत देती हैं कि अमेरिका अब किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सैन्य दृष्टि से पूरी तरह तैयार है। यदि कूटनीतिक समाधान नहीं निकलता, तो यह ऑपरेशन पश्चिम एशिया में बड़ा मोड़ ला सकता है।


Download Android App
Download iOS App



