America में चीनी E-Cigarettes पर सियासी घमासान, 70 से अधिक सीनेटरों ने Trump से की सख्त कार्रवाई की मांग; बताया राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा

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US Crackdown on Chinese E-Cigarettes: 70 से ज्यादा अमेरिकी सीनेटरों के एक समूह ने ट्रंप सरकार से अपील की है कि वह अमेरिकी मार्केट में आ रही गैर-कानूनी चीनी ई-सिगरेट की बढ़ती मांग पर रोक लगाए। उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य, राष्ट्रीय सुरक्षा और सुनियोजित अपराध से जुड़े खतरों का हवाला दिया है। यह कोशिश प्रतिनिधि माइक कैरी के नेतृत्व में और प्रतिनिधि नैथेनियल मोरन के साथ ऐसे समय में हो रही है जब चीन के साथ व्यापार को लेकर बातचीत जारी है। सीनेटरों ने कहा कि बीजिंग के साथ भविष्य के किसी भी समझौते में इस मुद्दे को प्राथमिकता दी जानी…

US Crackdown on Chinese E-Cigarettes: 70 से ज्यादा अमेरिकी सीनेटरों के एक समूह ने ट्रंप सरकार से अपील की है कि वह अमेरिकी मार्केट में आ रही गैर-कानूनी चीनी ई-सिगरेट की बढ़ती मांग पर रोक लगाए। उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य, राष्ट्रीय सुरक्षा और सुनियोजित अपराध से जुड़े खतरों का हवाला दिया है। यह कोशिश प्रतिनिधि माइक कैरी के नेतृत्व में और प्रतिनिधि नैथेनियल मोरन के साथ ऐसे समय में हो रही है जब चीन के साथ व्यापार को लेकर बातचीत जारी है। सीनेटरों ने कहा कि बीजिंग के साथ भविष्य के किसी भी समझौते में इस मुद्दे को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

US Crackdown on Chinese E-Cigarettes: चीनी वेप्स हर तरह से खतरा

US Crackdown on Chinese E-Cigarettes
US Crackdown on Chinese E-Cigarettes (Source: Social Media)

मोरन ने कहा, “ये गैरकानूनी चीनी वेप्स हर तरह से खतरा हैं। इनमें लेड और कार्सिनोजेन्स का टॉक्सिक लेवल होता है और इन्हें जानबूझकर हमारे बच्चों को कैंडी फ्लेवर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के जरिए टारगेट करने के लिए मार्केट किया जाता है।” दरअसल चीनी वेप्स ऐसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होते हैं जिनका इस्तेमाल धूम्रपान की तरह वाष्प लेने के लिए किया जाता है। इन्हें आमतौर पर ई-सिगरेट भी कहा जाता है।

स्कूलों और सैन्य बेस के पास बेचने का आरोप

मोरन ने आगे कहा कि ये प्रोडक्ट्स “विदेशी नागरिकों द्वारा स्कूलों और सैन्य बेस के पास बेचे जाते हैं।” उन्होंने चेतावनी दी कि उनकी स्मार्ट टेक्नोलॉजी से सेंसिटिव डाटा सीधे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी तक पहुंचने का खतरा है। वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर को लिखे एक लेटर में लॉ मेकर्स ने कहा कि अमेरिका को हमारे ट्रेड सिस्टम के चल रहे शोषण का सामना करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चीन गैर-कानूनी ई-सिगरेट के ट्रेंड को रोकने के लिए निश्चित कार्रवाई करे।

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा

सीनेटरों ने कहा कि 2025 में अमेरिका को चीनी वेप एक्सपोर्ट 10 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो जाएगा, जबकि अमेरिकी अधिकारियों ने सख्ती बढ़ा दी है। ये डिवाइस राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं। उन्होंने न्याय विभाग के नतीजों का हवाला दिया कि बिना इजाजत वाले वेप अक्सर चीन से स्मगल किए जाते हैं और स्कूलों और सैन्य बेस के पास बेचे जाते हैं।चिट्ठी में कहा गया है कि ड्रग प्रवर्तन प्रशासन ने सैन्य ठिकानों के पास वेप की दुकानों की भी जांच की है और पाया है कि उनमें से कई विदेशी नागरिकों के हैं या वे उन्हें चला रहे हैं, जिन पर जानबूझकर सेना के लोगों को निशाना बनाने का शक है।

US Crackdown on Chinese E-Cigarettes: चीनी ई-सिगरेट पर सख्ती की मांग

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US Crackdown on Chinese E-Cigarettes (Source: Social Media)

सीनेटरों ने कहा कि इस समस्या से अमेरिकी बॉर्डर के बजाय इसकी शुरुआत से ही निपटना चाहिए। उन्होंने लिखा, “इन प्रोडक्ट्स को चीन से अमेरिका में आने से रोकना, अमेरिका की घरेलू सप्लाई चेन में आने के बाद उन्हें रोकने से कहीं ज्यादा असरदार है।” उन्होंने चीनी अधिकारियों पर अपने ही नियम लागू न करने का भी आरोप लगाया। चीन के स्टेट टोबैको मोनोपॉली प्रशासन का जिक्र करते हुए चिट्ठी में कहा गया, “यह कोई प्रशासनिक चूक नहीं है। यह एक सोची-समझी स्ट्रैटजी लगती है।”

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।