US Iran Second Round Talks In Islamabad: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर कराने के लिए पाकिस्तान बेताबी से मध्यस्था की भूमिका निभा रहा है लेकिन इस्लामाबाद में पहले दौर की वार्ता पूरी तरह से विफल रही और दोनों देश के डेलीगेशन बिना किसी समझौते के वापस अपने देश लौट आए थे। अब ईरानी अधिकारियों ने बताया कि ईरान और अमेरिक डेलीगेशन के बीच बातचीत का एक नया दौर सोमवार को इस्लामाबाद में होने की उम्मीद है।
US Iran Second Round Talks In Islamabad: दूसरे दौर की बैठक

देशों के प्रतिनिधिमंडल रविवार को पाकिस्तान की राजधानी में पहुंचने की संभावना है। यह दूसरे दौर की बैठक पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए नए सिरे से शुरू किए गए राजनयिक प्रयासों के बीच आया है। इसी बीच कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी और तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की और तनाव कम करने और राजनयिक समाधानों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से किए जा रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयासों पर चर्चा की।
पाकिस्तान के प्रयासों की सराहना
कतर के अमीरी दीवान ने कहा कि तुर्की के राष्ट्रपति ने इस संबंध में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और प्रधानमंत्री के प्रयासों के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया। ये बैठकें अंताल्या कूटनीति मंच के दौरान हुईं। इस बैठक में दावा किया जा रहा है कि अब खुद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप शामिल हो सकते है इससे पहले की बैठक में वह शामिल नहीं थे लेकिन पूरी जानकारी दी जा रही थी।
Asim Munir: आसिम मुनीर का तेहरान दौरा

इसी बीच, अमेरिका ईरान के बीच दोबार बातचीत कराने के लिए राजनयिक प्रयास तेज होने के बाद, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने तेहरान में ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ से मुलाकात की। यह दौरा अमेरिका और ईरान के बीच गुप्त रूप से बढ़ते संपर्क के बीच हो रहा है, जिसमें पाकिस्तानी अधिकारियों ने विशेष रूप से तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर एक सफलता की उम्मीद जताई है।
US-Israel war on Iran: इस यात्रा का उद्देश्य क्या है?

बुधवार को तेहरान पहुंचे मुनीर का स्वागत ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने किया। इस यात्रा का उद्देश्य पहले दौर की वार्ता के असफल रहने के बाद संभावित दूसरे दौर की वार्ता को सफल बनाने के लिए किए जा रहा है। पहले दौर की बातचीत में पूरी दुनिया को उम्मीद थी कि इस बातचीत के बाद बड़ा समझौता हो सकता है लेकिन दोनों देश इस्लामाबाद से खाली हाथ लौट आए है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई बैठक
11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद शांति वार्ता की बैठक आयोजित की गई थी। यह अमेरिका और ईरान के बीच 39 दिनों से चल रहे खाड़ी युद्ध को समाप्त करने का एक ऐतिहासिक लेकिन अनिर्णायक राजनयिक प्रयास था। पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई ये वार्ता, 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद दोनों देशों के बीच पहली उच्च स्तरीय, आमने-सामने की वार्ता थी।


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