Vande Mataram Lyrics in Hindi: भारत हर साल 26 जनवरी को अपना गणतंत्र दिवस बड़े ही गर्व और सम्मान के साथ मनाता है। साल 2026 में देश 77वां गणतंत्र दिवस सेलिब्रेट करेगा। यह दिन हमारे संविधान के लागू होने की याद दिलाता है और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का प्रतीक है। इस राष्ट्रीय पर्व को लेकर देशभर में स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी संस्थानों में जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं।
Vande Mataram Lyrics in Hindi: स्कूल-कॉलेजों में होंगे रंगारंग कार्यक्रम
गणतंत्र दिवस के अवसर पर शैक्षणिक संस्थानों में कई प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें देशभक्ति गीत, नृत्य, कविता पाठ, भाषण प्रतियोगिता और नाटक शामिल होते हैं। इसके अलावा सरकारी भवनों, हाउसिंग सोसाइटी और सार्वजनिक स्थानों पर झंडारोहण, परेड और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाता है।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों और युवाओं में देशप्रेम और राष्ट्रीय भावना को मजबूत किया जाता है। अगर आप भी इस बार गणतंत्र दिवस पर किसी मंच से राष्ट्रीय गीत या देशभक्ति कविता प्रस्तुत करने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

Republic Day 2026: 77वें गणतंत्र दिवस की थीम क्या है?
हर साल गणतंत्र दिवस को एक विशेष थीम के साथ मनाया जाता है। वर्ष 2026 में 77वें गणतंत्र दिवस की थीम “वंदे मातरम के 150 वर्ष” रखी गई है। वंदे मातरम हमारे देश का राष्ट्रीय गीत है और यह मातृभूमि के प्रति सम्मान, प्रेम और बलिदान की भावना को दर्शाता है। इस ऐतिहासिक अवसर पर वंदे मातरम से जुड़े कार्यक्रमों का विशेष महत्व रहेगा।
वंदे मातरम: राष्ट्रीय गीत का महत्व
वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा रहा है। इस गीत ने आज़ादी की लड़ाई में देशवासियों को एकजुट करने का काम किया। स्कूल या किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में वंदे मातरम का गायन या पाठ इस वर्ष की थीम के अनुरूप सबसे बेहतर विकल्प हो सकता है। यह गीत सुनते ही देशभक्ति की भावना स्वतः जागृत हो जाती है।

Vande Mataram Lyrics: राष्ट्रीय गीत (वंदे मातरम के बोल )
वन्दे मातरम्।
सुजलाम् सुफलाम् मलयजशीतलाम्,
शस्यश्यामलाम् मातरम्।
वन्दे मातरम्।।
शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीम्,
फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीम्,
सुहासिनीम् सुमधुरभाषिणीम्,
सुखदाम् वरदाम् मातरम्।
वन्दे मातरम्।।
कोटि-कोटि-कण्ठ-कल-कल-निनाद-कराले,
कोटि-कोटि-भुजैर्धृत-खरकरवाले,
के वॉले माँ तुमि अबले,
बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीम्,
रिपुदलवारिणीं मातरम्।
वन्दे मातरम्।।
तुमि विद्या, तुमि धर्म,
तुमि हृदि, तुमि मर्म,
त्वं हि प्राणा: शरीरे।
बाहुते तुमि मा शक्ति,
हृदये तुमि मा भक्ति,
तोमारै प्रतिमा गडि मन्दिरे-मन्दिरे।
वन्दे मातरम्।।
त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी,
कमला कमलदलविहारिणी,
वाणी विद्यादायिनी,
नमामि त्वाम् नमामि कमलाम्।
अमलाम् अतुलाम्,
सुजलाम् सुफलाम् मातरम्।
वन्दे मातरम्।।
श्यामलाम् सरलाम् सुस्मिताम् भूषिताम्,
धरणीं भरणीं मातरम्।
वन्दे मातरम्।।
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