Who is Rini Sampath: भारतीय मूल के लोगों का विदेशों में डंका बज रहा है, कई ऐसे नाम हैं जो विदेश की राजनीति को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। ऐसे ही अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में होने वाला मेयर चुनाव इस बार भारतीयों के लिए खास बन गया है। इसकी वजह है भारतीय मूल की उम्मीदवार रिनी संपत, जो इस चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से मैदान में उतरी हैं। वह वाशिंगटन डीसी से चुनाव मेयर चुनाव लड़ने वाली पहली दक्षिण एशियाई उम्मीदवार बन गई हैं।
तमिलनाडु में जन्मीं रिनी संपत प्राइमरी चुनाव के बैलेट पेपर पर जगह बनाने वाली पहली दक्षिण एशियाई उम्मीदवार बन गई हैं। उनकी उम्मीदवारी को भारतीय समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
Who is Rini Sampath: 31 साल की उम्मीदवार, पेशे से सरकारी कॉन्ट्रैक्टर
31 वर्षीय रिनी संपत पेशे से सरकारी कॉन्ट्रैक्टर हैं। उन्होंने अपने चुनावी अभियान को आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं पर केंद्रित किया है। उनके अभियान का मुख्य नारा “Fix the Basics” (बुनियादी चीजों को ठीक करो) है।
रिनी का कहना है कि शहर की मूलभूत सेवाओं को बेहतर बनाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। उनके मुताबिक वाशिंगटन डीसी को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो सीधे तौर पर लोगों की समस्याओं को समझे और उन्हें हल करने पर ध्यान दे।
बुनियादी सुविधाएं बुनियादी मुद्रिदा
रिनी संपत ने अपनी चुनावी वेबसाइट पर साझा किए गए एक संदेश में कहा कि वह पारंपरिक राजनीति से अलग सोच रखती हैं। उन्होंने कहा,
“मैं कोई करियर पॉलिटिशियन नहीं हूं और न ही किसी खास हित समूह के प्रति जवाबदेह हूं। अब समय आ गया है कि कोई बाहरी व्यक्ति आगे आए और शहर की बुनियादी सेवाओं को सुधारने पर पूरी तरह ध्यान दे।”
उनके मुताबिक प्रशासन को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो केवल राजनीतिक लाभ के बजाय नागरिकों की जरूरतों पर काम करे।
Washington DC Mayoral Race: वाशिंगटन डीसी में डेमोक्रेट्स का दबदबा

वाशिंगटन डीसी की राजनीति में डेमोक्रेटिक पार्टी का लंबे समय से प्रभाव रहा है। 1975 में मेयर पद के लिए प्रत्यक्ष चुनाव शुरू होने के बाद से अब तक यहां कोई भी रिपब्लिकन उम्मीदवार मेयर नहीं बन पाया है।
इससे पहले शहर का प्रशासन अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त कमिश्नरों के एक बोर्ड के जरिए संचालित किया जाता था। वर्तमान में डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया का प्रशासन जनता द्वारा चुने गए एक मेयर और 13 सदस्यीय डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के माध्यम से चलता है। ऐसे में यदि रिमी संपत मेयर बनती हैं तो उनकी भूमिका काफी बढ़ जाएगी.
बचपन में आई थीं अमेरिका
रिनी संपत जब 7 साल की उम्र की थीं तब अमेरिका चली गई थीं। उन्हें वाशिंगटन डीसी में रहते हुए एक दशक से ज्यादा समय हो चुका है।
उन्होंने बताया कि सिर्फ चार हफ्तों के भीतर उनके कैम्पेन ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की और वे डीसी के इतिहास में मेयर पद के प्राइमरी चुनाव के बैलेट पेपर पर जगह बनाने वाली पहली दक्षिण एशियाई उम्मीदवार बन गईं।
रिनी का मानना है कि उनका अभियान पूरी तरह लोगों के सहयोग पर आधारित है। उन्होंने कहा कि अगर उनके पास शहर के हर मतदाता तक पहुंचने के लिए पर्याप्त संसाधन होते, तो उनका अभियान और भी मजबूत हो सकता था।
बुनियादी सुविधाओं पर रहेगा फोकस
रिनी संपत ने कहा कि अगर उन्हें मेयर बनने का मौका मिलता है तो उनकी पहली प्राथमिकता शहर की मूलभूत सेवाओं को मजबूत करना होगा।
उन्होंने बताया कि सड़कों के गड्ढों को भरना, पोटोमैक नदी में होने वाले प्रदूषण और गंदे पानी के रिसाव को रोकना, बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करना और 911 आपातकालीन सेवा के रिस्पॉन्स टाइम को कम करना उनके प्रमुख एजेंडे में शामिल हैं।
रिनी का मानना है कि इन बुनियादी समस्याओं को हल किए बिना शहर का समग्र विकास संभव नहीं है।
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