उत्तर प्रदेश समेत चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस कहीं भी सरकार बनाने लायक सीट हासिल नहीं कर पाई। कांग्रेस के इस प्रदर्शन को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएसमी प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि कांग्रेस अपनी विश्वसनीयता खो रही है, इसलिए कांग्रेस पर निर्भर नहीं रहा जा सकता है। टीएमसी प्रमुख के इस बयान पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पलटवार किया।
लोकसभा से कांग्रेस सांसद अधीर रंजन ने कहा, “वे (ममता बनर्जी) बीजेपी को खुश करने और बीजेपी के एजेंट के रूप में काम करने के लिए ऐसा कह रही हैं। प्रासंगिक बने रहने के लिए वह इस तरह की बातें कहती हैं। पागल व्यक्ति को जवाब देना सही नहीं है, पूरे भारत में कांग्रेस के 700 विधायक हैं। दीदी के पास हैं? कांग्रेस के पास विपक्ष के कुल वोट शेयर का 20% है। क्या उनके पास है?”
समाप्त हो रही है कांग्रेस की विश्वासनीयता
दरअसल, सीएम ममता बनर्जी ने शुक्रवार को विधानसभा में बजट पेश करने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि, अगर कांग्रेस चाहे तो हम सब मिलकर 2024 का आम चुनाव लड़ सकते हैं। कांग्रेस अभी के लिए आक्रामक न हों, सकारात्मक रहें, लेकिन कांग्रेस की विश्वासनीयता समाप्त हो रही है। वैसे कांग्रेस पर निर्भर नहीं रहा जा सकता है, यदि कांग्रेस चाहे तो वह पीछे हट सकती है, लेकिन विपक्ष की सभी पार्टियों को एकजुट होना होगा।
करानी चाहिए EVM की फॉरेंसिक जांच
टीएमसी प्रमुख ने आगे कहा कि, यह जीत बीजेपी के लिए एक बड़ी क्षति होगी। 2022 के चुनाव परिणाम 2024 चुनावों के भाग्य का फैसला करेंगे। यूपी के चुनाव नतीजों पर ममता बनर्जी ने कहा कि ईवीए की लूट हुई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को निराश नहीं होना चाहिए और उन्हें ईवीएम मशीनों की फॉरेंसिक जांच करानी चाहिए। अखिलेश यादव का वोट प्रतिशत इस बार 20 से बढ़कर 37 प्रतिशत हुआ है।


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