केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर बृहस्पतिवार को द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने और यूरोपीय संघ (The European Union) के साथ भारत के सहयोग को मजबूती देने के उद्देश्य से स्लोवेनिया, क्रोएशिया और डेनमार्क की चार दिवसीय यात्रा शुरू करेंगे।
विदेश मंत्री एस जयशंकर सब पहले स्लोवेनिया पहुंचेंगे जहां उनका शुक्रवार को ईयू के सदस्य राष्ट्रों के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक में हिस्सा लेने का कार्यक्रम है। विदेश मंत्रालय (एमईए) के मुताबिक, जयशंकर स्लोवेनिया का अपना दो दिवसीय दौरा बृहस्पतिवार को शुरू करेंगे।
इस दौरान वह देश के नेतृत्व से मुलाकात के साथ ही अपने स्लोवेनियाई समकक्ष एंजे लोगर के साथ एक द्विपक्षीय बैठक करेंगे। मंत्रालय ने कहा कि यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता अभी स्लोवेनिया कर रहा है और उसने ईयू राष्ट्रों के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक में शामिल होने के लिए जयशंकर को आमंत्रित किया है।
जयशंकर स्लोवेनिया में हो रहे ब्लेड स्ट्रेटजिक फोरम (बीएसएफ) में शामिल होंगे और ‘हिंद-प्रशांत क्षेत्र में कानून-आधारित व्यवस्था के लिये साझेदारी’ विषय पर परिचर्चा में हिस्सा लेंगे। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “वह ईयू के अपने समकक्षों के साथ परस्पर हितों के मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे।” ऐसा समझा जा रहा है कि ईयू के अपने समकक्षों के साथ जयशंकर की बैठक में अफगानिस्तान में बनती स्थिति पर प्रमुख रूप से चर्चा होगी।
मंत्रालय ने कहा, “तीन सितंबर को अपने क्रोएशिया दौरे में विदेश मंत्री वहां के विदेश मंत्री गार्डन ग्रिलिक रेडमैन और क्रोएशियाई नेतृत्व से मुलाकात करेंगे।” बयान के मुताबिक चार-पांच सितंबर को डेनमार्क दौरे के दौरान जयशंकर इंडो-डैनिश ज्वॉइंट कमीशन मीटिंग (जेसीएम) के चौथे दौर की, वहां के विदेश मंत्री जेप्पे कोफोड के साथ सह-अध्यक्षता करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने कहा, “जेसीएम के दौरान हरित रणनीतिक साझेदारी के तहत हमारे द्विपक्षीय सहयोग की व्यापक समीक्षा की जाएगी। यह साझेदारी सितंबर 2020 में डिजिटल शिखर सम्मेलन के दौरान स्थापित की गई थी।’’ बयान में कहा गया है, “विदेश मंत्री की यात्रा तीन मध्य यूरोपीय देशों के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा और यूरोपीय संघ के साथ हमारे बहुआयामी संबंधों को मजबूत करने का अवसर देगी।”


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