केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि खाद्य तेल आयात को कम करने और देश को ‘आत्मनिर्भर’ बनाने के लिए कृषि क्षेत्र को तिलहन उत्पादन की ओर मुड़ना चाहिए। वह कृषि को समर्पित सकल मीडिया समूह के प्रकाशन एग्रोवन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
खाद्य तेल के आयात पर हर साल 1.5 लाख करोड़ रुपये खर्चः विज्ञप्ति
एक विज्ञप्ति में गडकरी के हवाले से कहा गया है, ‘‘हम खाद्य तेल के आयात पर हर साल 1.5 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं। आयातित तेल पर निर्भरता कम करने, कृषि आय बढ़ाने एवं देश के आत्मनिर्भर बनने के लिए कृषि क्षेत्र को तिलहन उत्पादन की ओर मुड़ने की जरूरत है। ऐसा इसलिए है क्योंकि चावल, गेहूं, चीनी जैसी फसलों को हर गुजरते दिन कम कीमत मिल रही है।’’
गडकरी ने कृषि को लेकर कही अहम बात
उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों की कीमतें वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करती हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि ऑस्ट्रेलियाई गेहूं 6.50 रुपये प्रति किलोग्राम पर बेचा जाता है, तो भारतीय गेहूं के लिए खरीदार खोजने में कठिनाई होगी। गडकरी ने कहा कि गरीबी और बेरोजगारी के खात्मे के लिए कृषि विकास दर मौजूदा 12 फीसदी के बजाय 20 फीसदी होनी चाहिए।


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