वित्त मंत्रालय ने भारत देश की अर्थव्यव्सथा को बढ़ाने का लक्ष्य रखा हैं क्योंकि जितनी देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी उतनी ही जल्दी देश की गरीबी को तेजी से दूर किया जा सकता हैं। जिससे की भारत आगामी समय में एक शक्तिशाली देश के रूप में उभर कर आए । हालांकि वित्त मंत्रालय की आर्थिक समीक्षा आम बजट 2022-2023 को ध्यान में रखते हुए सरकार के विभिन्न सुझावों के बल पर भारत की अर्थव्यव्सथा भी अन्य देशों के जैसे ही तेजी से वृद्ध दर्ज की जाएगी ।
रिपोर्ट में किया गया स्पष्ट
जानकारी के मुताबिक समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया है, पीएलआई योजनाओं और बुनियादी ढांचे में सार्वजनिक पूंजीगत निवेश के चलते विनिर्माण और निर्माण क्षेत्र वृद्धि के मुख्य वाहक होंगे।रिपोर्ट में आगे कहा गया कि प्रधानमंत्री किसान योजना के जरिए लाभकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य और आय हस्तांतरण से कृषि क्षेत्र में भी लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है।
आईएमएफ ने लगाया अनुमान
सूत्रों के मुताबिक, भारत अभी तक एकमात्र बड़ा और प्रमुख देश है, आईएमएफ ने जिसका वृद्धि अनुमान 2022-23 के लिए बढ़ाया है। गौरतलब है कि आईएमएफ ने वर्ष 2022 के लिए अपने वैश्विक वृद्धि अनुमान को घटा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के लोगों के लचीलेपन और उसकी नीति निर्माण की दूरदर्शिता के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था के 2022-23 में दुनिया के बड़े देशों के बीच सबसे तेजी से बढ़ने का अनुमान है, जबकि यह 2020-21 में 6.6 प्रतिशत घटी थी।रिपोर्ट में कहा गया है कि आम बजट 2022-23 ने पिछले बजट में तय दिशा को मजबूत किया है।


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