मध्यप्रदेश में कैबिनेट की बैठक में मौजूद राज्य के सभी मंत्रियों ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री कमलनाथ को सोमवार की रात सौंप दिया । यह जानकारी मध्यप्रदेश के एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री ने दी है।
मध्यप्रदेश की राजनीति में चल रहे सियासी उथल-पुथल एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित उनके 27 समर्थक विधायकों के मोबाइल फोन अचानक बंद होने की खबरों बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार रात 10 बजे मुख्यमंत्री निवास पर अचानक कैबिनेट की यह बैठक बुलाई थी।
मध्यप्रदेश के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री ने बताया, ‘‘कैबिनेट की बैठक में हम सभी ने मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है ।’’
इन मंत्रियों के इस्तीफा देने से पहले कमलनाथ ने सोमवार रात को एक बयान में कहा कि मैं अपनी सरकार को अस्थिर करने वाली ताकतों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दूंगा।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रदेश की जनता का विश्वास और उनका प्रेम मेरी सबसे बड़ी शक्ति है। जनता की जनता के द्वारा बनाई गई सरकार को किसी भी कीमत पर अस्थिर करने वाली ताकतों को सफल नहीं होने दूँगा।’’
कमलनाथ ने कहा, ‘‘मैंने अपना समूचा सार्वजनिक जीवन जनता की सेवा के लिए समर्पित किया है। मेरे लिए सरकार होने का अर्थ सत्ता की भूख नहीं, जन सेवा का पवित्र उद्देश्य है। पंद्रह वर्षों तक भाजपा ने सत्ता को सेवा का नहीं, भोग का साधन बनाए रखा था और वो आज अनैतिक तरीके से मध्यप्रदेश की सरकार को अस्थिर करना चाहती है।’’


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