AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की कार पर फायरिंग के आरोप में गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह जानकारी हापुड़ के एसपी दीपक भुकर की तरफ से दी गई है। बता दें कि गुरुवार को ओवैसी की कार पर दो दोनों ने फायरिंग की थी। दोनों को पुलिस ने गुरुवार को ही गिरफ्तार कर लिया था। बता दें कि यह घटना उस समय हुई जब AIMIM प्रमुख यूपी में चुनाव प्रचार से वापस दिल्ली लौट रहे थे, उसी दौरान उनकी कार पर फायरिंग की गई।
इन दोनों आरोपियों को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया गया था, जिसके बाद कोर्ट ने दोनों को जेल भेजने का फैसला सुनाया।
पुलिस ने बताया क्यों हुआ था हमला
हापुड़ के एसपी दीपक भुकेर की तरफ से ये जानकारी दी गई है। हालांकि इससे पहले पुलिस दोनों से पूछताछ पूरी कर चुकी थी। यूपी एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया था कि, पूछताछ के बाद जो जानकारी सामने आई है, उसके हिसाब से ये लड़के असदुद्दीन ओवैसी के एक धर्म विशेष के प्रति भाषण देने की शैली से आहत थे। इन दोनों ने बताया है कि उन्होंने इसी वजह से इस घटना को अंजाम दिया। उन्होंने ये भी बताया कि घटना में इस्तेमाल होने वाला हथियार और कार बरामद कर ली गई है।
टोल प्लाजा पर हुई थी घटना
बता दें कि 3 फरवरी की शाम को असदुद्दीन ओवैसी की कार पर अचानक दो युवकों ने आकर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। हालांकि इसमें ओवैसी को किसी तरह की चोट नहीं आई। ओवैसी मेरठ इलाके में अपनी चुनावी यात्रा से लौट रहे थे। इसी दौरान टोल प्लाजा पर ये घटना हुई। घटना की जानकारी खुद ओवैसी ने ट्विटर के जरिए दी। बताया गया कि पहले हमलावर को ओवैसी की कार चलाने वाले ने टक्कर मारकर गिरा दिया था, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गिरफ्तार किया. वहीं दूसरे आरोपी ने गाजियाबाद के एक थाने पहुंचकर सरेंडर किया था।
ओवैसी को केंद्र की तरफ से सुरक्षा
ओवैसी ने इस घटना के बाद आरोप लगाया था कि, ये एक बड़ी साजिश हो सकती है। ये लोग अकेले इतनी बड़ी घटना को अंजाम नहीं दे सकते, इसके पीछे बड़ी ताकतें हो सकती हैं। ओवैसी ने इस दौरान हरिद्वार और अन्य जगहों पर हुई धर्म संसद का भी जिक्र किया। बता दें कि केंद्र सरकार की तरफ से ओवैसी को Z कैटेगरी की सुरक्षा देने की बात कही गई है। हालांकि ओवैसी ने हमले के बाद सुरक्षा लेने से साफ इनकार किया था।


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