उपचुनाव : 29 विधानसभा और तीन लोकसभा सीटों में अधिकतर पर उच्च मतदान - Latest News In Hindi, Breaking News In Hindi, ताजा ख़बरें, Daily News In Hindi

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उपचुनाव : 29 विधानसभा और तीन लोकसभा सीटों में अधिकतर पर उच्च मतदान

मतदान शांतिपूर्ण तरीके से हुआ और कोविड-19 संबंधी सभी सुरक्षा उपायों का पालन किया गया।

देश के 13 राज्यों में तीन लोकसभा सीटों और 29 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए शनिवार को 50 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक मतदान हुआ, जिसमें इंडियन नेशनल लोकदल नेता अभय चौटाला, कांग्रेस के दिवंगत नेता वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह और अन्य जानेमाने नेता मैदान में हैं।
चौटाला ने केंद्र के तीन नये विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए हरियाणा विधानसभा की सदस्यता छोड़ दी थी, जिसके बाद उपचुनाव करवाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से हुआ और कोविड-19 संबंधी सभी सुरक्षा उपायों का पालन किया गया।
हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट पर 57.73 प्रतिशत मतदान हुआ। यहां से प्रतिभा सिंह कांग्रेस प्रत्याशी हैं। उनके खिलाफ कारगिल युद्ध के योद्धा रहे खुशाल सिंह ठाकुर भाजपा के टिकट पर पहली बार किस्मत आजमा रहे हैं।
मंडी सीट मार्च महीने में भाजपा सांसद रामस्वरूप शर्मा की मृत्यु के बाद खाली हो गयी थी।
स्वतंत्र भारत के पहले मतदाता 104 साल के श्याम शरण नेगी ने किन्नौर जिले के काल्पा में आदर्श मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।
दुनिया के सबसे ऊंचे मतदान केंद्र और समुद्रतल से 15,256 फीट की ऊंचाई पर स्थित हिमाचल प्रदेश के ताशिगांग गांव में तापमान शून्य से 16 डिग्री सेल्सियस नीचे होने के बावजूद शनिवार को शत प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यहां पंजीकृत सभी 47 मतदाताओं – 29 पुरुष और 18 महिलाओं- ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
हिमाचल प्रदेश में मंडी लोकसभा सीट के अलावा फतेहपुर, अर्की तथा जुब्बल-कोटखाई विधानसभा सीटों के लिए भी उपचुनाव हुआ।
निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि फतेहपुर, अर्की तथा जुब्बल-कोटखाई विधानसभा सीटों के लिए क्रमश: 66.2 प्रतिशत, 64.97 प्रतिशत और 78.75 प्रतिशत मतदान हुआ।
हिमाचल प्रदेश की तीन विधानसभा सीटों के अलावा, असम की पांच विधानसभा, पश्चिम बंगाल में चार, मध्य प्रदेश तथा मेघालय की तीन-तीन विधानसभा सीटों, बिहार, कर्नाटक एवं राजस्थान की दो-दो विधानसभा सीटों तथा आंध्र प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, मिजोरम और तेलंगाना की एक-एक सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान संपन्न हुआ।
इनमें से करीब आधा दर्जन सीटों पर भाजपा, नौ पर कांग्रेस और बाकी पर क्षेत्रीय दलों के विधायक रहे हैं।
मतगणना दो नवंबर को होगी।
बिहार विधानसभा की दो सीटों के कुशेश्वर स्थान और तारापुर में करीब 49.60 प्रतिशत मतदान हुआ। इन दोनों सीटों पर जनता दल यूनाइटेड को पिछली बार जीत मिली थी।
मेघालय में तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए शनिवार को मतदान शांतिपूर्ण रहा और सबसे अधिक 90.63 प्रतिशत मतदान राजाबाला सीट पर दर्ज किया गया जबकि मावफलांग और मावरिंगकेनेंग सीट पर क्रमश: 76.9 और 75.06 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
राज्य की मावफलांग सीट पर पूर्व राष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी यूजीनसन लिंगदोह यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व विधायक केनेडी सी. खैरियम को उनका मुख्य प्रतिद्वंद्वी माना जा रहा है। मौजूदा जिला परिषद सदस्य और एनपीपी प्रत्याशी लामफरांग ब्लाह भी मैदान में हैं।
हरियाणा के ऐलनाबाद विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में हुये उपचुनाव में 80 प्रतिशत मतदान हुआ। इनेलो नेता ओमप्रकाश चौटाले के बेटे अभय चौटाला के खिलाफ कांग्रेस के पवन बेनीवाल और भाजपा-जजपा की तरफ से गोबिंद कांडा उम्मीदवार हैं।
चार बार के विधायक चौटाला की नजर जीत की हैट्रिक पर है क्योंकि वह अपना तीसरा उपचुनाव लड़ रहे हैं।
इससे पहले, उन्होंने वर्ष 2000 में सिरसा जिले में रोरी विधानसभा उपचुनाव और 2010 में ऐलनाबाद से उपचुनाव जीता था, जब उनके पिता ने जींद जिले की उचाना सीट को अपने पास रखा था और यह सीट खाली कर दी थी।
अभय चौटाला के लिए यह उपचुनाव जीतना महत्वपूर्ण है क्योंकि हार इनेलो के लिए एक बड़ा झटका होगा, जो हाल के वर्षों में चुनावी असफलताओं से जूझ रहा है।
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि दादरा एवं नागर हवेली लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में 75.51 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जहां शाम सात बजे तक मतदान चला।
सात बार के निर्दलीय सांसद मोहन डेलकर की मृत्यु के बाद यहां उपचुनाव करवाया, जहां से उनकी पत्नी कलाबेन डेलकर शिवसेना प्रत्याशी के रूप में भाजपा के महेश गावित और कांग्रेस के महेश धोडी के खिलाफ खड़ी हैं।
मध्य प्रदेश में शनिवार को उपचुनाव के तहत खंडवा लोकसभा क्षेत्र में 63.88 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि प्रदेश की तीन विधानसभा सीटों पर 64.60 प्रतिशत वोट डाले गये।
खंडवा से भाजपा सांसद नंदकुमार सिंह चौहान का निधन हो गया था।
तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी शशांक गोयल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि राज्य की हुजूराबाद विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए शाम सात बजे तक 86.33 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यहां तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस), भाजपा और कांग्रेस का त्रिकोणीय मुकाबला है। जमीन पर कब्जा करने के आरोपों में ई राजेंद्र को राज्य मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया था जिसके बाद से यहां से विधायक चुने गए राजेंद्र ने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इसके बाद टीआरएफ से भी इस्तीफा दे दिया और अब भाजपा के टिकट पर मैदान में हैं।
राजेंद्र के लिए यह चुनाव करो या मरो की लड़ाई है जबकि भाजपा के लिए यह चुनाव है जो वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में टीआरएस के विकल्प के तौर पर खुद को पेश करने की कोशिश कर रही है।
असम विधानसभा की पांच सीटों के लिए शनिवार को हुए उपचुनाव के लिए पंजीकृत कुल 7.96 लाख मतदाताओं में से 69.60 प्रतिशत ने शाम पांच बजे मतदान की समाप्ति तक अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि गोसाईंगांव, भबानीपुर, तामुलपुर, मरियानी और थोवरा सीटों पर शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच और कोविड-19 नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए शांतिपूर्ण मतदान हुआ।
असम की पांच सीटों में से भाजपा ने तीन पर अपने प्रत्याशी उतारे है जबकि दो सीटों पर उसकी सहयोगी यूपीपीएल लड़ रही है।वहीं कांग्रेस ने सभी पांच सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। कांग्रेस की पूर्व सहयोगी एआईयूडीएफ ने और बीपीएफ क्रमश: इो और एक सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं।
पश्चिम बंगाल की चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए शाम पांच बजे तक लगभग 71 प्रतिशत मतदान हुआ। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ था और कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर चारों सीटों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया।
खरदाह में एक बूथ के बाहर तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थकों के बीच हाथापाई की सूचना मिली, जहां सुरक्षा बलों को भीड़ को तितर बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
खरदाह से विधायक काजल सिन्हा का कोविड-19 के कारण निधन हो गया था।
तृणमूल कांग्रेस सदस्यों के मुताबिक झड़प में सिन्हा का बेटा घायल हो गया है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कूचबिहार जिले के दिनहाटा निर्वाचन क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार उदयन गुहा ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक पर सशस्त्र गार्डों के साथ बूथ संख्या 232 में प्रवेश करने का आरोप लगाया। प्रमाणिक के इस्तीफे के बाद ही यहां उपचुनाव हुआ।
प्रमाणिक अब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हैं, जिन्होंने पश्चिम बंगाल की विधानसभा में विपक्ष में बैठने के बजाय अपनी लोकसभा सदस्यता बनाए रखने को तरजीह दी।
वहीं सांतिपुर में भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार के इस्तीफे की वजह से इस सीट पर उपचुनाव कराया ज रहा है। दिनहाटा और सांतिपुर के चुनाव को भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा है।
राजस्थान में शनिवार को वल्लभनगर (उदयपुर) और धरियावद (प्रतापगढ़) विधानसभा सीटों पर उपचुनाव में औसत 70 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला।
धरियावद निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा विधायक गौतम लाल मीणा और वल्लभनगर निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत के निधन के कारण उपचुनाव करवाये जा रहे है। इन दोनों नेताओं का कोरोना वायरस संक्रमण के कारण निधन हो गया था।
वल्लभनगर से कांग्रेस ने गजेंद्र शक्तावत की पत्नी प्रीति शक्तावत को टिकट दिया है जबकि भाजपा ने हिम्मत सिंह झाला को उम्मीदवार बनाया है। धारियावद से कांग्रेस ने नागराज मीणा को टिकट दिया है। वहीं भाजपा ने यहां से खेत सिंह मीणा को मैदान में उतारा है।
कर्नाटक में सिन्डगी और हंगल विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में क्रमश: 69 और 84 प्रतिशत मतदान हुआ।
सिन्डगी से जनता दल (सेक्यूलर) के विधायक एम सी मानागुली और हंगल से भारतीय जनता पार्टी के सी एम उदासी के निधन के बाद इन सीटों पर उपचुनाव की आवश्यकता पड़ी।
भाजपा ने सिन्डगी से रमेश भूसानुर और हंगल से शिवराज सज्जनार को उम्मीदवार बनाया है। भूसानुर 2018 के चुनावों में दूसरे स्थान पर रहे थे।
कांग्रेस ने सिन्डगी से एम सी मानागुली के बेटे अशोक मानागुली जबकि हंगल से पूर्व पार्षद श्रीनिवास माने को प्रत्याशी बनाया है। जद (एस) ने सिन्डगी से 33 वर्षीय स्नातकोत्तर पास नाजिया शकील अहमद अंगाडी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि हंगल से 35 वर्षीय बी.ई, एम.टेक नियाज शेखर को उम्मीदवार बनाया है।
मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के पदभार संभालने के बाद यह उनके लिए पहली चुनावी चुनौती है। हंगल सीट पर जीत दर्ज करना उनके लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनके शिग्गांव विधानसभा क्षेत्र का पड़ोसी निर्वाचन क्षेत्र है।
नगालैंड के शामेटोर चेसोर विधानसभा के लिए उपचुनाव की घोषणा की गई थी लेकिन डेमोक्रेटिव प्रोग्रेसिव पार्टी के प्रत्याशी के केयोशु यिकचुंगर को 13 अक्टूबर को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।
महाराष्ट्र में डेगलुर और मिजोरम में तुइरियाल विधानसभा सीटों के लिए भी उपचुनाव हुआ। तुइरियाल में 81.28 प्रतिशत मतदान हुआ।

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