नई दिल्ली : माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) विभिन्न मामलों की जांच अदालत के आदेश पर कर रहा है इसलिये राज्य सरकार सीबीआई को जांच करने से नहीं रोक सकती है। येचुरी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा सीबीआई को अपने-अपने राज्यों में विभिन्न मामलों की जांच करने की पूर्वानुमति वापस लेने के मामले में कहा कि माकपा शुरु से ही सीबीआई के दुरुपयोग का विरोध करती रही है। उन्होंने कहा ‘‘पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार ने सीबीआई के दुरुपयोग के विरोध में यह कदम नहीं उठाया है बल्कि बनर्जी की इच्छानुसार सीबीआई के काम न करने के कारण सीबीआई की पूर्वानुमति वापस ली है।’’
उन्होंने कहा ‘‘जहां तक पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं से जुड़े विभिन्न मामलों की जांच का सवाल है तो यह स्पष्ट करना जरूरी है कि सीबीआई इन मामलों की जांच अदालत के आदेश पर कर रही है। इसे रोकने का अधिकार किसी राज्य सरकार के पास नहीं है।’’ उन्होंने कहा ‘‘हम राजनीतिक स्वार्थ सिद्धि के लिये सीबीआई के दुरुपयोग के सख्त खिलाफ हैं। हम न्याय के पक्षधर हैं और अपेक्षा करते हैं कि जांच एजेंसी न प्रधानमंत्री मोदी के पक्ष में जांच करे न ही बनर्जी के पक्ष में। सीबीआई को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिये।’’
येचुरी ने सबरीमला मामले में भी भाजपा पर अपना राजनीतिक एजेंडा चलाने का आरोप लगाते हुये कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत के आदेश को दरकिनार करके भाजपा और आरएसएस केरल में सांप्रदायिकता के नाम पर कानून व्यवस्था को संकट में डाल रहे हैं। उन्होंने कहा ‘‘उच्चतम न्यायालय ने सबरीमला मंदिर में महिलाओं को पूजा अर्चना का समान अधिकार होने की बात कही है। इस फैसले के बाद केरल में भाजपा आरएसएस सबरीमला श्रृद्धालुओं की धार्मिक आस्था के नाम पर अपना राजनीतिक एजेंडा चलाने की कोशिश कर रहे हैं।’’ येचुरी ने कहा कि इसके लिये केरल में कानून-व्यवस्था को भी चुनौती दी जा रही है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।


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