सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से शुक्रवार को कहा कि वह बिटकॉइन पर अपना रुख स्पष्ट करे कि यह वैध या अवैध। मौजूदा समय में देश में क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल पर कोई प्रतिबंध नहीं है और न ही इनका कोई नियमन है। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्य कांत की दो सदस्यीय खंडपीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्य भाटी को कहा,” आपको अपना रुख स्पष्ट करना होगा।” खंडपीठ केंद्र सरकार के खिलाफ अजय भारद्वाज द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। वकील शोएब आलम ने भारद्वाज की मंजूर की गयी जमानत याचिका खारिज करने की मांग की।
वैध या अवैध है क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल?
ऐश्वर्य भाटी ने खंडपीठ को बताया था कि यह मामला 87,000 बिटकॉइन से जुड़ा है और आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है और उसे कई समन भेजे गये हैं। मामले की सुनवाई कर रहे जजों ने आरोपी को जांच अधिकारी से मुलाकात करने का निर्देश दिया और जांच में सहयोग करने के लिये कहा। इस पर खंडपीठ ने कहा कि यह अवैध है या नहीं। खंडपीठ ने साथ ही कहा कि प्रवत्र्तन निदेशालय ने गत साल जुलाई में स्थिति रिपोर्ट पेश की थी।
अगले चार सप्ताह के लिये सुनवाई स्थगित
खंडपीठ ने कहा कि जांच अधिकारी आरोपी के जांच में सहयोग करने के संबंध में स्थिति रिपोर्ट पेश करेंगे। मामले की सुनवाई अगले चार सप्ताह के लिये स्थगित कर दी गयी है। खंडपीठ ने साथ ही कहा कि आरोपी के गिरफ्तार न करने का अंतरिम आदेश अगली सुनवाई तक मान्य रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्रिप्टो करेंसी के संदर्भ में भारतीय रिजर्व बैंक के आदेश को मार्च 2020 में पलटा गया था।


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