पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उसे अपने सात साल का कार्यकाल पूरा होने की वर्षगांठ मनाने के बजाय देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए क्योंकि वह संकट के समय पूरी तरह विफल रही है। पायलट ने यहां एक बयान में कहा, ‘‘केंद्र सरकार के सात साल पूरे हो गए हैं और हमें लगता है कि वर्षगांठ मनाने के बजाय केंद्र सरकार को देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए।’’
पायलट ने कहा, ‘‘आज देश में जो भयानक दृश्य देखने को मिल रहे हैं, मैं समझता हूं कि किसी भी सभ्य समाज में असंतोष पैदा करने वाले हैं। लाशों के ढेर लग रहे हैं, महामारी फैल रही है और साल डेढ साल से कोरोना को नियंत्रण में करने के लिए जो कदम उठाए जाने चाहिए थे उसमें केंद्र सरकार पूरी तरह विफल रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं मानता हूं कि सरकार वह होती है जो जनता की सेवा करे। आपदा कभी भी आ सकती है कि लेकिन उस आपदा पर प्रतिक्रिया क्या है। किस आत्मीयता किस मानवीयता की भावना से हम उस संकट का सामना करते हैं इस कसौटी पर यह सरकार पूरी तरह विफल रही है।’’
पेट्रोल डीजल के बढ़ते दाम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पेट्रोल डीजल के दाम 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक हैं, कारखानें, दुकानें व उद्योग सब बंद हैं, अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। नौजवानों को नौकरी नहीं मिल रही और गरीबों को दो जून की रोटी नसीब नहीं हो रही है। उनकी मदद केंद्र सरकार नहीं कर पा रही।
पायलट ने कहा, ‘‘वर्षगांठ मनाने व सुर्खियां बटोरने की जो आप कोशिश कर रहे हैं कि हम गांव में जाएंगे, सेवा करेंगे …लेकिन इसमें बहुत देरी हो चुकी है आज तो दिन माफी मांगने का था।’’


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