अरुण शौरी व प्रशांत भूषण से CBI निदेशक आलोक वर्मा की मुलाकात पर केंद्र सरकार नाखुश

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संगठन के 77 साल के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं सुना गया। गौरतलब है की अरुण शौरी मोदी सरकार की हमेशा आलोचना करते रहे हैं।

सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा का पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण से मिलना केंद्र सरकार को कुछ रास नहीं आ रहा। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सीबीआई प्रमुख का नेताओं से मुलाकात करना ‘असामान्य’ बात है। अरुण शौरी और प्रशांत भूषण पिछले हफ्ते सीबीआई निदेशक से मिले थे। दोनों ने उन्हें दस्तावेज सौंपे और राफेल डील तथा ऑफसेट करार में कथित भ्रष्टाचार की जांच की मांग की। अधिकारी ने कहा, ”शायद यह पहला मौका था जब नेताओं ने सीबीआई निदेशक से उनके दफ्तर में मुलाकात की।

ऐसी मुलाकात असामन्य है।’ आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले सप्ताह अरुण शौरी और प्रशांत भूषण ने सीबीआई निदेशक से मुलाकात कर उन्हें दस्तावेज सौंपते हुए राफेल विमान सौदे और ऑफसेट कांट्रैक्ट में कथित भ्रष्टाचार की जांच करने की मांग की थी। अपनी बात पर जोर देते हुए अधिकारी ने दावा किया कि सामान्य परिस्थितियों में जब कोई नेता सीबीआई प्रमुख से मुलाकात के लिए समय मांगते हैं तो उन्हें एजेंसी मुख्यालय के स्वागत कक्ष (रिसेप्शन) में शिकायतें या अन्य दस्तावेज सौंपने की सलाह दी जाती है।

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अधिकारी ने ब्योरा दिए बिना यह भी कहा कि कुछ सरकारी अधिकारी ‘उपद्रवी’ हो गए हैं और वे आपस में तीखी तकरार कर रहे हैं। अगर इस तरह की लड़ाई जारी रहती है तो संबंधित संगठनों को नुकसान होगा। सीबीआई निदेशक का कार्यकाल अगले साल जनवरी तक है और वह एजेंसी के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के साथ विवाद में उलझे हुए हैं। दोनों पक्ष सार्वजनिक रूप से एक दूसरे के खिलाफ आरोप लगा रहे हैं। संगठन के 77 साल के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं सुना गया। गौरतलब है की अरुण शौरी मोदी सरकार की हमेशा आलोचना करते रहे हैं। वहीं प्रशांत भूषण आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता हैं।

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अपनी मुलाकात में शौरी और भूषण ने सीबीआई निदेशक से कहा कि कानून के अनुसार राफेल डील की जांच शुरू करने के लिए सरकार की इजाजत लें। राफेल बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन ने करार के ऑफसेट दायित्वों को पूरा करने के लिए रिलायंस डिफेंस को साथी चुना हैं।भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज करते हुए सरकार का कहना है कि दसॉ द्वारा ऑफ़सेट सहयोगी के चयन में उसकी कोई भूमिका नहीं है।

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