कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव में उम्मीदवारी को लेकर बनी स्थिति आज नामांकन के दौरान साफ हो गई हैं, कल अशोक गहलोत के मना के बाद दिग्विजय सिंह का नाम सामने आया था ,लेकिन आज अशोक गहलोत व दिग्विजय सिंह दोनों बड़े नेताओं ने मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना समर्थन दिया है। अशोक गहलोत व दिग्विजय के साथ ही यूपी कांग्रेस से आने वाले प्रमोद तिवारी मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रस्तावक बनें हैं। दरअसल मल्लिकार्जुन खड़गे एक बेहद अनुभवी नेता व साथ ही कांग्रेस का सबसे बड़ा दलित चेहरा है। जिसके लिहाज से कांग्रेस में मल्लिकार्जुन के नाम पर आम सहमति बनने के भी आसार है। आज इन तीनों नेताओं ने पार्टी दफ्तर में जाकर चुनाव कार्यालय पर अपना नामाकंन पत्र भी भर दिया हैं। वहीं, झारखंड कांग्रेस नेता केएन त्रिपाठी ने भी पार्टी अध्यक्ष पद के लिए पर्चा भरा है। नॉमिनेशन के बाद उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं के फैसले का सम्मान किया जाएग।
वहीं, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की थी। इसके बाद दिग्विजय सिंह ने चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर करते हुए नामांकन पत्र के 10 ‘सेट’ लिए थे। कांग्रेस के ‘एक व्यक्ति, एक पद’ नियम के तहत गहलोत से चुनाव लड़ने के लिए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने को कहा गया था।
आपको बता दे की कांग्रेस अध्यक्ष बनने की रेस में अशोक गहलोत सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन राजस्थान की गुटबाजी के चलते उनका पत्ता साफ हो गयास इसके बाद अध्यक्ष चुनाव में एमपी के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी अध्यक्ष पद दौड़ में शामिल हो गए । लेकिन इन दोनों अब मल्लिकार्जुन खड़गे ने दोनों पत्ता साफ करते हुए खुद चुनाव मैदान में उतर गए हैं । गांधी परिवार के परोक्ष रूप से समर्थन से मल्लिकार्जुन खड़गे का अध्यक्ष बनना लगभग तय हो गया हैं । झारखंड कांग्रेस से आने वाले नेता त्रिपाठी ने पार्टी की कमान संभालने के लिए अपना नामांकन किया हैं, उन्होनें कहा कि वह पार्टी के फैसले का सम्मान करेंगे ।