कांग्रेस ने बोला तीखा हमला, कहा- ‘मोदी सरकार की चीन नीति ‘डीडीएलजे- डिनाइ, डिस्ट्रैक्ट, लाइ एंड जस्टिफाइ’ है’

कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि मोदी सरकार की विफल चीन नीति और दशकों में भारत के सबसे बड़े क्षेत्रीय नुकसान को छिपाने के उसके प्रयास को कितने भी आडंबर के बावजूद छिपाया नहीं जा सकता।

कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि मोदी सरकार की विफल चीन नीति और दशकों में भारत के सबसे बड़े क्षेत्रीय नुकसान को छिपाने के उसके प्रयास को कितने भी आडंबर के बावजूद छिपाया नहीं जा सकता। इस मुद्दे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर के हालिया बयान को लेकर उन पर पलटवार करते हुए मुख्य विपक्षी दल ने यह टिप्पणी की।
जयराम रमेश ने क्या कहा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने एक बयान में लद्दाख में चीनियों से निपटने की सरकार की नीति को “डीडीएलजे-डिनाइ, डिस्ट्रैक्ट, लाइ एंड जस्टिफाइ” (इनकार, ध्यान भटकाना, झूठ बोलना और न्यायोचित ठहराना) करार दिया और कहा कि जयशंकर की टिप्पणी पार्टी के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी पर एक निहायत घटिया बयान है।
भारत के सबसे बड़े क्षेत्रीय नुकसान को छिपाने की कोशिश की 
जयशंकर ने शनिवार को पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि कुछ लोग जानबूझकर चीन मुद्दे को लेकर गलत खबरें फैला रहे हैं। उनकी टिप्पणियों को गांधी पर कटाक्ष के रूप में देखा गया। कांग्रेस महासचिव व संचार प्रमुख रमेश ने कहा, “कोई भी आडंबर इस तथ्य को छिपा नहीं सकता है कि मोदी सरकार ने दशकों में भारत के सबसे बड़े क्षेत्रीय नुकसान को छिपाने की कोशिश की है, जो कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा (चीनी) राष्ट्रपति शी (जिनपिंग) को लुभाने के बाद हुआ है।”
चीन नीति से ध्यान हटाने का नवीनतम प्रयास 
उन्होंने कहा, “हम सुझाव देते हैं कि विदेश मंत्री जयशंकर और सरकार चीनी सैनिकों को डेपसांग और डेमचोक से बाहर निकालने की कोशिश में अधिक समय दें और अपनी अक्षमता के लिए विपक्ष को दोष देने में कम।” उन्होंने कहा, “विदेश मंत्री एस. जयशंकर की कांग्रेस पर हमला करने वाली हालिया टिप्पणी मोदी सरकार की विफल चीन नीति से ध्यान हटाने का नवीनतम प्रयास है, सबसे हालिया रहस्योद्घाटन यह है कि मई 2020 के बाद से, भारत ने लद्दाख में 65 में से 26 गश्त बिंदुओं तक पहुंच खो दी है।”
रक्षा के लिए चीन के साथ युद्ध लड़ा था
उन्होंने कहा कि 1962 की 2020 से कोई तुलना नहीं है, जब भारत ने अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए चीन के साथ युद्ध लड़ा था, जबकि हालिया मामले में भारत ने “चीनी आक्रामकता को शुरू आती ना नुकुर के बाद स्वीकार किया, जिसके बाद वापसी हुआ, जिसमें भारत ने हजारों वर्ग किलोमीटर तक पहुंच खो दी है।
जयशंकर की टिप्पणी पर किया प्रहार 
कांग्रेस नेता ने 2017 में चीनी राजदूत से मिलने के लिए गांधी पर मंत्री जयशंकर की टिप्पणी पर कहा कि अमेरिका में ओबामा प्रशासन के दौरान राजदूत रहे व्यक्ति की ओर से इस प्रकार की टिप्पणी किया जाना विडम्बनापूर्ण है। उन्होंने सवाल किया , “क्या विपक्षी नेता व्यापार, निवेश और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण देशों के राजनयिकों से मिलने के हकदार नहीं हैं?” उन्होंने कहा, बल्कि मोदी सरकार को शुरू से ही “ईमानदार” बरतनी चाहिए थी और संसदीय स्थायी समितियों में चीन के मुद्दे पर चर्चा करके और संसद में बहस करके विपक्ष को विश्वास में लेना चाहिए था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

nineteen − seven =

पंजाब केसरी एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जो भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के कई केंद्रों से प्रकाशित होता है।