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कांग्रेस ने MSP पर धान की जल्द खरीद के लिए नमी मानदंडों में छूट की मांग की

कांग्रेस ने रविवार को नमी से जुड़े मानदंडों में छूट के बाद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान और अन्य खरीफ फसलों की खरीद तत्काल शुरू करने की मांग की।

देश में नए कृषि कानूनों के विरोध-प्रदर्शन के बीच अब धान खरीद पर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेर रहा है। कांग्रेस ने रविवार को नमी से जुड़े मानदंडों में छूट के बाद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान और अन्य खरीफ फसलों की खरीद तत्काल शुरू करने की मांग की।
केंद्र ने शनिवार को पंजाब और हरियाणा में तीन अक्टूबर से धान खरीद शुरू करने का आदेश जारी किया। इससे पूर्व, हाल में भारी बारिश के कारण 11 अक्टूबर तक खरीद स्थगित करने के केंद्र के फैसले के बाद विरोध प्रदर्शन हुए थे।
रणदीप सुरजेवाला ने लगाया आरोप-
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि सरकार खरीद में देरी करके और धान में नमी की मात्रा के मानदंडों में ढील नहीं देकर ‘‘एमएसपी खत्म करने की साजिश’’ कर रही है। सुरजेवाला ने मांग की कि केंद्र उन किसानों को सात दिनों के भीतर राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से मुआवजा दे, जिनकी फसलें हाल में हुई बारिश से क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
सुरजेवाला ने एक बयान में आरोप लगाया, ‘‘किसानों और मजदूरों की रोजी-रोटी पर हमला करने की साजिश करना नरेंद्र मोदी नेतृत्व वाली सरकार की आदत बन गई है। पहले धान और अन्य फसलों की खरीद में देरी हो रही थी और अब वे धान में नमी की मात्रा के मानदंडों में ढील नहीं देकर किसानों की आजीविका पर चोट कर रहे हैं।’’
सरकार ने किसानों के साथ किया धोखा- 
कांग्रेस नेता ने कहा कि पंजाब और हरियाणा में फसलों की खरीद 25 सितंबर तक शुरू होनी थी, जिसे बदल दिया गया, जबकि विभिन्न मंडियों में लाखों क्विंटल फसल पड़ी है। उन्होंने दावा किया कि सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अब तक एक रुपए की भी खरीद नहीं हुई है।
हरियाणा सरकार ने बढ़ाई तारीख-
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने एक बार फिर एमएसपी पर सरकारी खरीद की तारीख तीन अक्टूबर कर दी। साथ ही कहा कि मौजूदा मानदंडों के अनुसार एमएसपी पर कोई फसल नहीं खरीदी जा सकती है, जो फसलों में 17 प्रतिशत तक नमी की अनुमति देता है, जबकि बाजार में फसलों में नमी की मात्रा 22 से 22.7 प्रतिशत है।
सुरजेवाला ने कहा, ‘‘कांग्रेस की मांग है कि सरकार फसलों में नमी की मात्रा के लिए खरीद नियमों में तत्काल ढील दे ताकि किसानों को राहत मिल सके और उनकी फसल नष्ट न हो।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ‘‘जानबूझकर’’ फसलों की खरीद में देरी कर रही है ताकि किसानों को उनकी फसलों का एमएसपी न मिले और वे संकट में बेचने को मजबूर हों। साथ ही कहा कि आजाद भारत में ऐसा पहली बार हो रहा है।

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