रक्षा मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को कहा कि भारत विदेशी और घरेलू कंपनियों के बीच अंतर नहीं करता है, लेकिन आगे चलकर वह किसी भी रक्षा वस्तु का ‘‘संभवतः’’ आयात नहीं करेगा।स्टॉकहोम स्थित रक्षा थिंक-टैंक ‘एसआईपीआरआई’ ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि भारत 2017-21 में प्रमुख हथियारों का दुनिया का सबसे बड़ा आयातक था और इस अवधि में कुल वैश्विक हथियारों के आयात का 11 प्रतिशत हिस्सा था।
रक्षा मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (रक्षा उत्पादन) संजय जाजू ने उद्योग मंडल ‘पीएचडीसीसीआई’ के एक कार्यक्रम में कहा कि जब तक विदेशी ओईएम (मूल उपकरण निर्माता) भारत में हैं, और वे भारत के भीतर डिजाइन और निर्माण कर रहे हैं, तब तक भारत सरकार पूरी तरह से निष्पक्ष है।उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास लॉकहीड मार्टिन जैसे वैश्विक ओईएम के दोस्त हैं, जो यहीं बैठे हैं। यह विदेशी ओईएम पर कोई टिप्पणी नहीं है।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमारे लिए, आप सभी समान हैं। हमारी सभी नीतियां इस तरह से तैयार की गई हैं कि आप सभी को समान अवसर मिले। लेकिन एक बात जो अब सामने आ रही है वह यह है कि आगे जाकर संभवत: हम कुछ भी आयात नहीं करेंगे। शुरुआत में ही यह कहा जा सकता है।’’


Download Android App
Download iOS App



