प्रवर्तन निदेशालय ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और अन्य मामलों से जुड़ी कुछ संपत्तियों को अपने नियंत्रण में ले लिया है। इन संपत्तियों की कीमत 2.53 करोड़ रुपये है। प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को यह बात कही कि जिन संपत्तियों को नियंत्रण में लिया गया है उनमें मुन्नार विला विस्टा परियोजना में चार बिना बिके विला और कुछ खाली जमीन शामिल हैं।
एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने पुष्टि की थी
ईडी ने 7 जनवरी को इन संपत्तियों के लिए एक प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया था, जिसकी बाद में 30 जून को एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने पुष्टि की थी। जांच एजेंसी ने कहा कि उसने केरल के एर्नाकुलम में एनआईए मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत के समक्ष एनआईए कोच्चि द्वारा दायर एक एफआईआर और आरोप पत्र के आधार पर एक पीएमएलए जांच शुरू की थी।
आतंकवादी शिविर का आयोजन किया था
एफआईआर और आरोप पत्र के अनुसार, पीएफआई के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने विस्फोटकों और हथियारों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण देने की साजिश रची और कन्नूर जिले के नारथ में एक आतंकवादी शिविर का आयोजन किया था। इसके बाद, मामले में पीएमएलए जांच में पीएफआई तथा उससे संबंधित संस्थाओं के सदस्यों के खिलाफ और एफआईआर शामिल की गईं।
मुन्नार विला विस्टा प्रोजेक्ट विकसित कर रहे थे
ईडी की जांच से पता चला कि पीएफआई नेता और विदेशी संस्थाओं से जुड़े सदस्य पीएफआई की कट्टरपंथी गतिविधियों के लिए फंड जुटाने के लिए विदेशों और देश के भीतर एकत्र किए गए धन को वैध बनाने के मकसद से मुन्नार में एक आवासीय परियोजना मुन्नार विला विस्टा प्रोजेक्ट विकसित कर रहे थे। यह परियोजना मुन्नार विला विस्टा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के माध्यम से विकसित की गई थी।


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