वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि बजट में घोषित प्रत्यक्ष कर विवाद निपटारा योजना से लोगों को मामले का निपटारा करने में होने वाले खर्च और समय बचाने में काफी मदद मिलेगी। विभिन्न अदालतों एवं पंचाटों सहित अपीलीय निकायों में प्रत्यक्ष कर से जुड़े 9.32 लाख करोड़ रूपये के 4.83 लाख मामले लंबित हैं।
दिल्ली हिंसा के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के बीच प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास विधेयक 2020 को चर्चा एवं पारित होने के लिये रखते हुए सीतारमण ने कहा, ‘‘ यह योजना कर विवाद के मामलों के निपटारे के लिये विकल्प देगी। इससे लोगों को मामले का निपटारा करने में होने वाले खर्च और समय बचाने में काफी मदद मिलेगी।’’
उन्होंने कहा कि सरकार ने विवादों को कम करने के लिये कदम उठाये हैं। ऐसी ही एक योजना अप्रत्यक्ष कर विवाद के मामले में घोषित की गई थी। विवाद से विश्वास योजना के तहत, एक करदाता को केवल विवादित करों की राशि का भुगतान करना होगा और उसे ब्याज एवं जुर्माने पर पूरी छूट मिलेगी, बशर्ते वह 31 मार्च, 2020 तक भुगतान करे।
विधेयक पर चर्चा की शुरूआत करते हुए भाजपा के संजय जायसवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के समय ऐसी योजनाएं बनती थीं जो बिचौलियों को बचाने वाली थीं। जबकि मोदी सरकार ने कालाधन और बिचौलियों पर लगाम लगाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि सदन में जो हंगामा कर रहे हैं, वे चर्चा से बचना चाहते हैं। उन्होंने इसके साथ ही 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि यह पार्टी दंगा कराती है और फिर पूछती है कि दंगा क्यों हो रहा है।


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