कांग्रेस के दिग्गज नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री तथा वर्तमान मंत्री अशोक चव्हाण ने बुधवार को 10 जनपथ पहुंचकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। दोनों नेताओं की करीब डेढ़ घंटे तक मुलाकात हुई। इस दौरान चव्हाण के साथ देगलूर के नवनिर्वाचित विधायक जितेश अंतापुरकर भी मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के इन नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष को प्रदेश के हालात की जानकारी दी।
विधायक जितेश अंतापुरकर के लिए करीब 50 जनसभाएं की थी
महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले की देगलूर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में जीत के बाद नवनिर्वाचित विधायक जितेश अंतापुरकर को चव्हाण ने अपने साथ दिल्ली लाकर जीत के बाद पहली कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात करवाई। गौरतललब है कि कांग्रेस विधायक रावसाहेब अंतापुरकर के निधन के बाद देगलूर सीट पर उपचुनाव हुए थे। जिसमें कांग्रेस की तरफ से महाविकास आघाड़ी उम्मीदवार जितेश ने बीजेपी उन्मीदवार सुभाष साबणे 41 हजार 933 मतों से हराया था।
देगलूर बिलौली विधानसभा सीट अशोक चव्हाण के गृह जिले नांदेड़ में आता है। ऐसे में इस सीट पर कांग्रेस को जीत हासिल करवाने के लिए अशोक चव्हाण विधायक जितेश अंतापुरकर के लिए करीब 50 जनसभाएं की थी।
इस जीत से महाराष्ट्र में कांग्रेस-शिवसेना-एनसीपी की आघाडी और मजबूत होगी
इस सीट पर जीत के बाद अशोक चव्हाण ने कहा था, इस जीत से लोगों ने बीजेपी को करारा जवाब दिया है। लोगों ने साबित कर दिया है कि वे सिर्फ विकास के एजेंडे को पसंद करते हैं। मेरा मानना है कि इस जीत से महाराष्ट्र में कांग्रेस-शिवसेना-एनसीपी की आघाडी और मजबूत होगी। देगलूर सीट पर जीत के बाद अशोक चव्हाण नवनिर्वाचित विधायक को अपने साथ महाराष्ट्र से दिल्ली लेकर पहुंचे।
दरअसल देगलूर विधानसभा उपचुनाव महाराष्ट्र में कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का सवाल हो गया था। इसके बाद ही कांग्रेस ने अशोक चव्हाण विश्वासपात्र उम्मीदवार जितेश अंतापुरकर को इस सीट से चुनावी मैदान में उतारा था। जीत के बाद ही दोनों ने बुधवार को दिल्ली पहुंचकर कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात की। करीब देढ़ घंटे चली बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष ने महाराष्ट्र में पार्टी और सरकार से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बात की।


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