मल्लिकार्जुन खड़गे का चुनाव प्रचार कर बुरे फंसे गहलोत, जानिए पूरा मामला

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राजस्थान सीएम अशोक गहलोत की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। अब उन्हें मल्लिकार्जुन के लिए चुनाव प्रचार प्रसार करना भारी पड़ सकता है।

राजस्थान सीएम अशोक गहलोत की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। अब उन्हें मल्लिकार्जुन के लिए चुनाव प्रचार प्रसार करना भारी पड़ सकता है। क्योंकि इस बात को लेकर शशि थरूर ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री ने कहा कि वह इस मामले पर निगरानी रख रहे है। कहा जा रहा कि कुछ दिन पहले गहलोत ने खड़गे को समर्थन करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी, जिसपर अब विवाद खड़ा हो गया है। 
एक रिपोर्ट के अनुसार विधायक दल का नेता किसी भी उम्मीदवार के लिए प्रचार नहीं कर सकता। नियम के तहत विधायक दल के नेता समेत राष्ट्रीय पदाधिकारियों को प्रचार करने पर पाबंदी लगाई गई है। यदि कोई प्रचार करना चाहता है तो उसे पहले पद से इस्तीफा देने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन, गहलोत ने इसके बावजूद खड़गे के लिए प्रचार प्रसार किया है। 
अशोक गहलोत ने किया ट्वीट 
दरअसल, गहलोत ने बीते दिन एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वो और खड़गे दिखाई दे रहे थे। वीडियो के कैप्शन में  लिखा – ‘मल्लिकार्जुन खड़गे साहब पार्टी के बहुत ही अनुभवि व्यक्तित्व के धनी हैं। जो व्यक्ति लगातार 9 चुनाव विधानसभा के और 2 चुनाव लोकसभा के जीते हों, आज राज्यसभा के अंदर नेता प्रतिपक्ष हैं। आप सोच सकते हैं कि 50 साल से अधिक का अनुभव आज जिंदगी में हो गया…।’ 
भारी मतों से कामयाब होंगे खड़गे : गहलोत 
वही, गहलोत ने आगे लिखा – ‘मैं उम्मीद करता हूं जो भी डेलीगेट हैं वो भारी बहुमत से मल्लिकार्जुन खड़गे को कामयाब करेंगे।कामयाब होने के बाद में वो हम सबका मार्गदर्शन करेंगे व कांग्रेस मजबूत होकर प्रतिपक्ष के रूप में उभर कर सामने आएगी‌।यह मेरी सोच है, मेरी शुभकामनाएं है खड़गे साहब भारी मतों से कामयाब हों।’
थरूर पर गहलोत ने किया था कटाक्ष 
बता दें, गहलोत इससे पहले भी खड़गे का समर्थन कर चुके है। साथ ही उन्होंने थरूर पर तंज कस्ते हुए कहा, ‘ मुझे लगता है कि खड़गे को ही अध्यक्ष बनना चाहिए। क्योंकि वो 50 साल से पार्टी के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे है। उन्हें राजनीति की अच्छी समझ है। वो जमीनी स्तर के नेता है, जबकि शशि थरूर अंतर्राष्ट्रीय समझ रखते हैं। वैश्विक मंचों पर भारत की दमदार तरीके से पैरवी की है, लेकिन शशि थरूर एलीट वर्ग से आते हैं। कांग्रेस को जमीन से जुड़ा हुआ अध्यक्ष चाहिए और खड़गे वैसे ही नेता है।’

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