प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वैश्विक निवेशकों से भारत की विकास गाथा में भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि देश इसके बदले उन्हें रिटर्न की गारंटी देता है।
उन्होंने कांग्रेस पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए यह भी कहा कि उनकी सरकार ने पिछले नौ साल में देश में राजकाज के स्तर पर व्यापक स्तर पर बदलाव लाकर देश को ‘नाजुक-पांच’ की स्थिति से बाहर निकाल कर एक सशक्त राष्ट्र बनाया है।
मोदी ने आर्थिक समाचारपत्र ‘इकोनॉमिक टाइम्स’ के वैश्विक व्यवसाय शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए सड़क, निर्माण, मेट्रो नेटवर्क के विस्तार, रेलवे लाइन बिछाने और हवाईअड्डों की संख्या बढ़ाने समेत विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का जिक्र किया।
उन्होंने वैश्विक निवेशकों से भारत की विकास गाथा में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश इसके बदले रिटर्न की गारंटी देता है। इस शिखर सम्मेलन का विषय ‘व्यवसाय की पुनर्कल्पना; दुनिया की पुनर्कल्पना’ है।
प्रधानमंत्री ने ‘जनमत निर्माण’ से जुड़े लोगों पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘हमारे देश में, जनमत तैयार करने वाले अधिकतर लोग हर छह महीने में उसी ‘उत्पाद’ को फिर से पेश करने में व्यस्त रहते हैं। और इसे दोबारा पेश करने में भी वे उसे नया रूप देने की कल्पना नहीं करते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब देश ने हमें सेवा का मौका दिया, सबसे पहला कदम परिकल्पना, नई सोच को लेकर था। वर्ष 2014 में करोड़ों के घोटालों और भ्रष्टाचार के कारण गरीबों को उनके अधिकारों से वंचित किया गया। युवाओं की आकांक्षाएं पूरी नहीं हुईं।’’
मोदी ने कहा कि भारत ने पूरी दुनिया के समक्ष भौतिक और सामाजिक बुनियादी ढांचे के विकास का नया मॉडल पेश किया है।
एक तरह से कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि कुछ लोग गरीबी उन्मूलन की बात करते थे, लेकिन वास्तव में वे गरीबों को देश पर बोझ समझते थे और उन्हें उनके हाल पर छोड़ देते थे।
उन्होंने कहा कि दूसरी ओर वर्तमान सरकार ने गरीबों को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया, ताकि वे देश के विकास में योगदान दे सकें।


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