नई दिल्ली : कांग्रेस ने देश की प्रमुख एजेंसियों को सभी कंप्यूटरों की कथित तौर पर निगरानी का अधिकार देने संबंधी सरकार के आदेश की आलोचना करते हुए शुक्रवार को कहा कि यह नागरिक स्वतंत्रता एवं लोगों की निजी स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। पार्टी ने यह भी आशंका जताई कि इस आदेश का दुरुपयोग हो सकता है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने ट्वीट कर कहा, ‘‘इलेक्ट्रॉनिक निगरानी की अनुमति देने का सरकार का आदेश नागरिक स्वतंत्रता एवं लोगों की निजी स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एजेंसियों को फोन कॉल एवं कंप्यूटरों की बिना किसी जांच के जासूसी करने का एकमुश्त ताकत देना बहुत ही चिंताजनक है। इसके दुरुपयोग की आशंका है।’’ इसी विषय पर कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय ने निजता को मौलिक अधिकार बताया है।
भारत सरकार 20 दिसंबर की मध्यरात्रि में आदेश जारी कर कहती है कि पुलिस आयुक्त, सीबीडीटी, डीआरआई, ईडी आदि के पास यह मौलिक अधिकार होगा कि वे हमारी निजता में दखल दे सकें। देश बदल रहा है।’’ खबरों के मुताबकि गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि खुफिया ब्यूरो, मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी), राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई), सीबीआई, एनआईए, कैबिनेट सचिवालय (रॉ), ‘डायरेक्टरेट ऑफ सिग्नल इंटेलिजेंस’ और दिल्ली के पुलिस आयुक्त के पास देश में चलने वाले सभी कंप्यूटर की कथित तौर पर निगरानी करने का अधिकार होगा।


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