रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने को लेकर, ‘सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर जनहित याचिका पर होगी सुनवाई’

Summary :

सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को पूर्व राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने पर सहमत हो गया, जिसमें राम सेतु को राष्ट्रीय विरासत स्मारक घोषित करने के लिए केंद्र को निर्देश देने की मांग की गई थी

सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को पूर्व राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने पर सहमत हो गया, जिसमें राम सेतु को राष्ट्रीय विरासत स्मारक घोषित करने के लिए केंद्र को निर्देश देने की मांग की गई थी। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने भारतीय जनता पार्टी के नेता की दलीलों पर ध्यान दिया कि अभी तक इस मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है और इसलिए, जनहित याचिका को अब सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए।  
संबंधित मुद्दे पर विचार 
रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की प्रक्रिया जारी': केंद्र ने SC को  बताया
इससे पहले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने 19 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में बताया था कि केंद्र राम सेतु को राष्ट्रीय विरासत स्मारक घोषित करने से संबंधित मुद्दे पर विचार कर रही है। अदालत ने केंद्र से इस मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए कहा था। पीठ ने कहा, “सॉलिसिटर जनरल का कहना है कि वर्तमान में संस्कृति मंत्रालय में इसको लेकर प्रक्रिया चल रही है। उनका कहना है कि याचिकाकर्ता (स्वामी) अगर चाहें तो इसको लेकर अपना विचार रख सकते हैं।” 
रामसेतु को राष्ट्रीय विरासत स्मारक घोषित करने की सिफारिश
संविधान पीठ की सुनवाई के बाद रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने के  मामले पर होगी सुनवाई' - Supreme Court - sc to consider hearing pil seeking  declaration of ram setu as
हालांकि, इसको लेकर स्वामी (याचिकाकर्ता) ने कहा, “मैं किसी से नहीं मिलना चाहता, हम एक ही पार्टी में हैं। उन्हें छह सप्ताह या जितना समय लगे, फैसला करने दिया जाए।” स्वामी ने कहा था कि 2019 में तत्कालीन संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल ने इस मुद्दे पर बैठक बुलाई थी और रामसेतु को राष्ट्रीय विरासत स्मारक घोषित करने की सिफारिश की थी। विधि अधिकारी ने कहा था कि सरकार इस पर गौर कर रही है।राम सेतु को आदम के पुल नाम से भी जाना जाता है। यह तमिलनाडु के दक्षिण-पूर्वी तट से पंबन द्वीप और श्रीलंका के उत्तर-पश्चिमी तट से दूर मन्नार द्वीप के बीच पत्थर से बनी एक श्रृंखला है। 
मामला का पहला दौर जीत चुके हैं स्वामी
Ram Setu Hearing on 'Ram Setu' in Supreme Court on July 26, BJP leader  Subramanian Swamy has filed a petition - India TV Hindi
भाजपा नेता ने बताया कि वह मुकदमे का पहला दौर जीत चुके हैं, जिसमें केंद्र ने राम सेतु के अस्तित्व को स्वीकार किया था। स्वामी ने यूपीए-1 सरकार द्वारा शुरू की गई विवादास्पद सेतुसमुद्रम शिप चैनल परियोजना के खिलाफ अपनी जनहित याचिका में रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने का मुद्दा उठाया है। 
सामाजिक-आर्थिक नुकसान पर विचार
2007 में मामला शीर्ष अदालत में पहुंचा, तो रामसेतु पर परियोजना को रोक दिया। केंद्र ने बाद में कहा कि उसने परियोजना के सामाजिक-आर्थिक नुकसान पर विचार किया था और राम सेतु को नुकसान पहुंचाए बिना शिपिंग चैनल परियोजना के लिए अन्य मार्ग तलाश करने को तैयार था। मंत्रालय द्वारा दायर हलफनामे में कहा गया है, “भारत सरकार राष्ट्र के हित में राम सेतु को प्रभावित को बिना नुकसान पहुचाएं सेतुसमुद्रम शिप चैनल परियोजना के विकल्प का पता लगाने के बारे में विचार कर रही है।”
 

Desk Team