बुधवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में मौजूद रहे। इस दौरान विपक्ष की ओर से चर्चा शुरू करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि 2014 में एक उद्योगपति की संपत्ति 50 हजार करोड़ रुपए थी लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ कि दो ही साल में इस उद्योगपति की संपत्ति लाखों करोड़ रूपए बढ़ गई।
खरगे ने अदानी का नाम लिए बिना कहा कि पीएम के एक दोस्त की संपत्ति अचानक कई गुना बढ़ गई। इसके जवाब में तुरंत नेता सदन केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह बिना आधार के आरोप लगाए जा रहे हैं। पीयूष गोयल ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि यह अपने नेता की संपत्ति देख लें कि 2014 में कितनी थी और आज वह संपत्ति कितनी बढ़ गई है।

कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे ने कहा कि इस उद्योगपति को सरकार से प्रोत्साहन व समर्थन मिला है, सरकारी बैंकों से उसे काफी रकम मिली है। खड़गे ने कहा गुजरात में 31 पैसे का कर्ज बकाया होने पर एक किसान को ‘नो ऑब्जेक्शन’ सर्टिफिकेट नहीं मिला, लेकिन उद्योगपतियों के हजारों करोड़ रुपए माफ किए गए। एयरपोर्ट, कोल, रोड, सीमेंट एक व्यक्ति को मिल रहा है और उसको यह खरीदने के लिए पैसा भी सरकारी बैंकों से उपलब्ध हो रहा है।
खरगे ने कहा कि मैं राष्ट्रपति को उनके अभिभाषण के लिए धन्यवाद देता हूं। मुझे ऐसी उम्मीद थी कि राष्ट्रपति दबाव बनाकर समाज के सबसे कमजोर वर्गों के लिए अपने अभिभाषण में कुछ बातें शामिल करवाएंगी लेकिन मुझे निराशा हुई। खरगे ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में नीतियों की चर्चा होती है कि किन नीतियों के आधार पर हम, कैसे हम देश को चलाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं था। उन्होंने अपनी सरकार की कुछ उपलब्धियां बताई और बाकी पिछली सरकारों की खामियां गिनाई।

खड़गे ने कांग्रेस के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश के विकास में बुनियाद के पत्थर डाले हैं लेकिन आज वह पत्थर नहीं दिखाए जा रहे बल्कि उन पत्थरों की बुनियाद पर बनी इमारतों को दिखाया जा रहा है। खड़गे ने कहा कि मुझे ऐसा लगता है कि आने वाला मौसम और भी खराब आने वाला है क्योंकि हमें बात करने नहीं देते अपने मुद्दों को उठाने नहीं देते।
खरगे ने कहा कि मैं देखता हूं सदन के भीतर और बाहर भी मंत्री और सत्ता पक्ष के सांसद नफरत की बात ज्यादा करते हैं। ये लोग ज्यादातर सांप्रदायिक और जाति की बातें करते हैं। भारत छोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा निकाली, मैं भी उसमें शामिल हुआ। उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा किसी के खिलाफ नहीं है। 3600 किलोमीटर चलना और लोगो के विचार को सुनना और लोगों ने जो कहा उससे आगे के लिए मार्गदर्शन लेना यह यात्रा का उद्देश्य था।


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