पत्नी की Delivery देख पति हुआ बीमार, Hospital पर दावा ठोक, कहा- ‘मुआवज़े का हकदार’

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एक समय ऐसा था जब पति-पत्नी से जुड़ी हर बात या प्रेग्नेंसी जैसी बात को पर्दे में रखा जाता था। लोग इन बातों को पर्दे में रखना ज्यादा पसंद करते हैं। हालांकि अब ज़माना बदल गया है। पत्नी के साथ-साथ अब पति भी प्रेग्नेंसी से जुड़ी छोटी सी छोटी बात को सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। पति पूरी जर्नी पर अपनी पत्नी के साथ देते दिखते हैं। कई बार तो पति अपनी पत्नी के डिलवरी के दौरान बच्चे के जन्म तक मौजूद रहते हैं। ऐसे में कई बार अजीबोगरीब मामले भी इससे जुड़े आते रहते हैं। एक ऐसी ही…

एक समय ऐसा था जब पति-पत्नी से जुड़ी हर बात या प्रेग्नेंसी जैसी बात को पर्दे में रखा जाता था। लोग इन बातों को पर्दे में रखना ज्यादा पसंद करते हैं। हालांकि अब ज़माना बदल गया है। पत्नी के साथ-साथ अब पति भी प्रेग्नेंसी से जुड़ी छोटी सी छोटी बात को सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। पति पूरी जर्नी पर अपनी पत्नी के साथ देते दिखते हैं। कई बार तो पति अपनी पत्नी के डिलवरी के दौरान बच्चे के जन्म तक मौजूद रहते हैं। ऐसे में कई बार अजीबोगरीब मामले भी इससे जुड़े आते रहते हैं।

एक ऐसी ही घटना ऑस्ट्रेलिया से सामने आई है। इसमें एक शख्स अपने पत्नी की डिलीवरी के वक्त पूरा प्रोसेस सर्जरी रूम में जाकर देखा था। पूरा प्रोसेस देखकर उसकी मानसिक हालत खराब हो गई। इसके चलते अब शख्स ने ये कहकर अस्पताल के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करा दिया दी कि इस प्रक्रिया का उसके दिमाग पर गहरा असर हुआ है और इसी के बाद से उसकी मानसिक हालत बिगड़ने शुरू हो गई।

बता दें कि इस शख्स का नाम अनिल कोप्पुला है और साल 2018 में उसकी पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया था। उसकी डिलीवरी सी-सेक्शन के ज़रिये हुई थी, ऐसे में शख्स का कहना है कि वो इस दृश्य को देखने के बाद ही इतना बीमार हुआ कि उसकी दिमागी हालत बिगड़ गई। शख्स ने इसे लेकर हॉस्पिटल के खिलाफ केस दर्ज करा दिया है। कोप्पुला का आरोप है कि अस्पताल की ओर से उसे डिलीवरी देखने के लिए बोला गया था और परमिशन भी दी गई थी। चूंकि सर्जरी का दृश्य देखने के बाद ही उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ी, ऐसे में अस्पताल को इसके लिए हर्जाना देना चाहिए।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान पति ने दावा किया कि उसकी मानसिक बीमारी के चलते ही उसकी शादी भी टूट गई, ऐसे में वो मुआवज़े का हकदार है। वहीं हॉस्पिटल की ओर से कहा गया है कि जब तक कोप्पुला अस्पताल में डिलीवरी के दौरान थे, उन्हें कुछ नहीं हुआ था, न ही कोई चोट आई थी। उन्होंने मांग की है कि मामले को बंद कर दिया जाए क्योंकि ये झूठ है।

Desk Team