India-US : भारत और अमेरिका मिलकर करेंगे नए रक्षा क्षेत्र विकसित

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भारत और अमेरिका मिलकर अब नए रक्षा क्षेत्र विकसित करने जा रहे हैं | आपकी जानकारी के लिए बता दे कि अमेरिकी इमर्जिंग कैपेबिलिटीज पॉलिसी ऑफिस के

भारत और अमेरिका मिलकर अब नए रक्षा क्षेत्र विकसित करने जा रहे हैं | आपकी जानकारी के लिए बता दे कि अमेरिकी इमर्जिंग कैपेबिलिटीज पॉलिसी ऑफिस के निदेशक माइकल होरोविट्ज ने नई दिल्ली में यूएस-इंडिया एडवांस्ड डोमेन डिफेंस डायलॉग के उद्घाटन के लिए भारतीय अधिकारियों के साथ बैठक की। अमेरिकी रक्षा विभाग की प्रवक्ता लिसा लॉरेंस ने पहले यूएस-इंडिया एडवांस्ड डोमेन रक्षा वार्ता के एक बयान में कहा कि 2022 में 2+2 मंत्रिस्तरीय संवाद में अमेरिकी और भारतीय अधिकारियों द्वारा नये रक्षा क्षेत्र विकसित करने पर सहयोग को गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई थी। उन्होंने कहा कि बैठक में उसी का पालन किया गया।
आपको बता दें कि अमेरिकी और भारतीय अधिकारियों ने इन क्षेत्रों में अद्वितीय रक्षा चुनौतियों, उनकी संबंधित रक्षा नीतियों एवं आगे सहयोग के अवसरों के बारे में चर्चा की। इस दौरान दोनों पक्षों ने इन क्षेत्रों में सुरक्षा, स्थिरता बनाए रखने और प्रौद्योगिकियों के उपयोग को बढ़ावा देने के अवसरों पर भी मंथन किया।
कौनसी योजनायें की गयी है तैयार?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूरोपीय संघ ने स्टील, सीमेंट, एल्यूमीनियम, लोहा, उर्वरक, बिजली और हाइड्रोजन जैसे उच्च कार्बन युक्त सामग्रियों पर 25 से 30 प्रतिशत कार्बन आयात कर लागू करने की योजना बनाई है। इसके चलते विकासशील देशों को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं, क्योंकि इनकी अर्थव्यवस्थाएं कार्बन का इस्तेमाल करने वाले उद्योगों पर अत्यधिक मात्रा में निर्भर हैं। यूरोपीय संघ की जलवायु रणनीति सदस्य देशों को कार्बन उत्सर्जन कम करने और पर्यावरणीय उपायों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है।

Desk Team