अमेरिका को खटक रहे भारत-रूस के व्यापारिक संबंध… दी चेतावनी! सैयद अकबरुद्दीन ने दिया करारा जवाब

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सैयद अकबरुद्दीन ने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के बीच रूस के साथ भारत के व्यापार सौदों पर हाल की टिप्पणियों के लिए अमेरिकी उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार दलीप सिंह की निंदा की।

भारत के पूर्व संयुक्त राष्ट्र दूत सैयद अकबरुद्दीन ने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के बीच रूस के साथ भारत के व्यापार सौदों पर हाल की टिप्पणियों के लिए अमेरिकी उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार दलीप सिंह की निंदा की। सैयद अकबरुद्दीन ने शुक्रवार को एक ट्वीट में कहा, “तो यह हमारा दोस्त है…?? यह कूटनीति की भाषा नहीं है। यह जबरदस्ती की भाषा है…”। सैयद अकबरुद्दीन ने एक अखबार की क्लिप भी साझा की जिसमें दलीप सिंह के हवाले से कहा गया है, “हम जो नहीं देखना चाहेंगे वह रूस से भारत के आयात में तेजी से वृद्धि है क्योंकि यह ऊर्जा या किसी अन्य निर्यात से संबंधित है जो वर्तमान में अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित किया जा रहा है।”

दलीप सिंह ने दी भारत को चेतावनी 
बताते चलें कि गुरुवार को दलीप सिंह ने यह भी कहा था कि अमेरिका किसी भी देश को रूसी केंद्रीय बैंक के साथ वित्तीय लेनदेन में लिप्त नहीं देखना चाहेगा। दलीप सिंह ने कहा कि भारत का रूसी ऊर्जा का वर्तमान आयात किसी भी अमेरिकी प्रतिबंध का उल्लंघन नहीं करता है, लेकिन साथ ही साथ यह भी कहा कि वाशिंगटन अपने सहयोगियों और भागीदारों को “अविश्वसनीय आपूर्तिकर्ता” यानी रूस पर अपनी निर्भरता कम करने के तरीके खोजना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का उल्लंघन करता है तो भारत को रूस से अपने बचाव में आने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
चीन की दखलंदाजी पर भारत रूस से बचाव की ना करे उम्मीद :दलीप सिंह
दलीप सिंह की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, संयुक्त राष्ट्र के पूर्व दूत सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, “कोई इन्हें बताएं कि दंडात्मक एकतरफा आर्थिक उपाय प्रथागत अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है…।” बता दें कि दलीप सिंह यूक्रेन पर हमले के विरोध में रूस पर दंडात्मक प्रतिबंध लगाने के बाइडन प्रशासन के प्रयासों का नेतृत्व कर रहे हैं। वह, यूक्रेन के खिलाफ रूस के ‘‘अनुचित युद्ध’’ के परिणामों और ‘इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क’ के संबंध में गहन चर्चा करने के लिए 30 और 31 मार्च को भारत यात्रा पर गए थे। 

Desk Team