बिहार की सियासत में मंगलवार को बड़ा फेरबदल हुआ। नीतीश कुमार ने बीजेपी का साथ छोड़ आरजेडी-कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने का ऐलान कर दिया। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने बिहार में हुए इस घटनाक्रम की तुलना महाराष्ट्र में बीते महीने हुए सियासी घमासान से करते हुए कहा कि बिहार में जो हुआ वो ऑपरेशन लोटस से कितना अलग है।
कांग्रेस नेता ने ट्वीट किया, ‘बिहार में जो हुआ वो ऑपरेशन लोटस से कितना अलग है! कोई कैश नहीं पकड़ा गया। कोई ईडी रेड नहीं हुई। कोई असम का सीएम नहीं था। कोई रिजॉर्ट की यात्रा नहीं थी। सब कुछ बिहार की स्टाइल में कम खर्च और सभ्य तरीके से हुआ। सीएम को सबसे बड़े दल और अन्य का समर्थन मिला। महाराष्ट्र में भाजपा ने दलबदल पर काम किया। बिहार में भाजपा को नकारा और बेदखल कर दिया गया।’
बिहार में जो हुआ वो ऑपरेशन लोटस से कितना अलग है! न कैश पकड़ा गया, न ईडी की छापेमारी हुई। न असम के CM की जरूरत पड़ी, न रिजॉर्ट की।
सब कुछ सभ्य तरीके से हुआ। CM को सबसे बड़ी पार्टी और अन्य दलों का समर्थन मिला। महाराष्ट्र में BJP ने दलबदल किया, बिहार में उसे बेदखल कर दिया गया।
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) August 10, 2022
बिहार में चला सियासी घटनाक्रम?
नीतीश कुमार आठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव भी उनके साथ एक बार फिर से उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लंगे। मंगलवार को पार्टी के विधायकों और सांसदों की बैठक के बाद नीतीश कुमार ने खुद को NDA से अलग कर RJD-कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने का ऐलान कर दिया।
वहीं महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे ने बागी तेवर अपनाते हुए अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने अपने समर्थकों के साथ सूरत और गुवाहाटी में डेरा जमा लिया। जिसके बाद उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इधर, शिवसेना के बागी विधायकों ने बीजेपी को समर्थन दे दिया था। और एकनाथ शिंदे ने राज्य के CM पद की शपथ ली। वहीं मंगलवार को ही करीब 40 दिनों के लंबे इंतजार के बाद महाराष्ट्र कैबिनेट का विस्तार हुआ।


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