अतीक अहमद और अशरफ की हत्या में तुर्की की कंपनी में बनी जिगाना पिस्टल का इस्तेमाल किया गया। बता दें इसी पिस्टल को बीते साल सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भी इस्तेमाल किया जाता है। करीब 6-7 लाख रुपए कीमत की जिगाना पिस्टल पाकिस्तान से अवैध तरीके से ड्रोन वगैरा के जरिए सप्लाई की जाती है. पंजाब के दिवंगत गायक सिद्दू मुसेवाला हत्याकांड में भी क्रॉस बॉर्डर से लाई गई यही जिगाना मेड पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था।
मलेशियाई सेना, अज़रबैजानी सशस्त्र बल और फिलीपीन राष्ट्रीय पुलिस इसका प्रयोग करती है।अज़रबैजान : Zəfər, Zəfər-K, Zəfər-P और इनाम संस्करण अज़रबैजानी सशस्त्र बलों और पुलिस इकाइयों द्वारा उपयोग में हैं।

मलेशियाई सेना, अज़रबैजानी सशस्त्र बल और फिलीपीन राष्ट्रीय पुलिस इसका प्रयोग करती है। अज़रबैजान : Zəfər, Zəfər-K, Zəfər-P और इनाम संस्करण अज़रबैजानी सशस्त्र बलों और पुलिस इकाइयों द्वारा उपयोग में हैं।

तीसरे आरोपी सनी के तार किसी बड़ी गैंग और गैंगस्टर से हैं
हत्याकांड को अंजाम देने वाले 3 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। तीनों ने ही वारदात को अंजाम देने के बाद खुद को सरेंडर कर दिया था। इन आरोपियों के नाम आरोपियों के नाम अरुण मौर्य निवासी कासगंज, लवलेश तिवारी निवासी बांदा और सनी निवासी हमीरपुर है। अरुण हत्या के एक मामले में शामिल है। इसके कारण ही वह पिछले 5-6 साल से परिवार के साथ नहीं रह रहा है। वहीं, लवलेश तिवारी के खिलाफ एक लड़की को थप्पड़ मारने का मामला दर्ज है। वह करीब 6 महीने महीने पहले ही जेल से बाहर आया है। इसके अलावा तीसरे आरोपी सनी के तार किसी बड़ी गैंग और गैंगस्टर से हैं।


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