बिजली विधेयक का विरोध किये जाने पर मंत्री आर के सिंह ने किया पलटवार – ममता का मकसद कुछ और

Summary :

बिजली मंत्री आर के सिंह ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विद्युत (संशोधन) विधेयक, 2021 के विरोध के इरादे को लेकर संदेह जताया।

बिजली मंत्री आर के सिंह ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विद्युत (संशोधन) विधेयक, 2021 के विरोध के इरादे को लेकर संदेह जताया। उन्होंने कहा कि आखिर मुख्यमंत्री बिजली वितरण में एकाधिकार का बचाव क्यों चाहती हैं। 
बनर्जी ने पिछले सप्ताह कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्यों की आपत्तियों के बावजूद सरकार की विद्युत (संशोधन) विधेयक, 2021 संसद में पेश करने की योजना को लेकर विरोध जताया। उन्होंने नये संशोधन को ‘जन विरोधी’ बताया। 
पत्र के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आखिर वह (बनर्जी) बिजली वितरण क्षेत्र में एकाधिकार क्यों बनाये रखना चाहती हैं? खासकर जब कोलकाता में बिजली शुल्क देश में उच्च दरों में से एक है।’’ उन्होंने कहा कि विधेयक का मकसद क्षेत्र में लाइसेंस की व्यवस्था समाप्त कर बिजली वितरण क्षेत्र में एकाधिकार को समाप्त करना है। 
केंद्रीय मंत्री जल्दी ही बनर्जी की तरफ से जतायी गयी चिंताओं को दूर करने के लिये उन्हें पत्र लिखेंगे। मंत्री की पश्चिम बंगाल के साथ-साथ केरल सरकार को भी पत्र लिखकर विधेयक की खासियत और आम लोगों को उससे होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से बताने की योजना है। 
विधेयक के संसद से पारित होने और कानून बनने के बाद बिजली वितरण क्षेत्र लाइसेंस मुक्त हो जाएगा और ग्राहकों के पास दूरसंचार क्षेत्र की तरह अपनी पसंद के अनुसार बिजली वितरण कंपनी चुनने का अधिकार होगा। सिंह दोनों राज्य सरकारों को लिखे जाने वाले पत्र में एक की कीमत पर दूसरे को सब्सिडी के प्रावधान तथा नवीकरणीय ऊर्जा खरीद बाध्यता जैसे अन्य प्रावधानों का भी जिक्र करेंगे। 
मंत्री ने यह भी कहा, ‘‘लाइसेंस राज को खत्म करना होगा ताकि निवेशक क्षेत्र में आ सके। अगर निवेशक नहीं आते हैं, तब समस्या बढ़ेगी।’’ 

Ujjwal Jain