‘नेशनल हेराल्ड’ केस में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बाद पवन बंसल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए। जांच एजेंसी ने कांग्रेस नेता पवन बंसल को तलब करते हुए आज पूछताछ के लिए बुलाया। पूर्व केंद्रीय मंत्री पूर्वाह्न करीब साढ़े 10 बजे मध्य दिल्ली स्थित प्रवर्तन निदेशालय के नए मुख्यालय में कई फाइलें अपने साथ लेकर पहुंचे।
अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के आपराधिक प्रावधानों के तहत उनका बयान दर्ज करेगी। निदेशालय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से भी इस मामले में यहां सोमवार को पांच घंटे पूछताछ की थी। ‘नेशनल हेराल्ड’ का प्रकाशन ‘एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड’ (एजेएल) करती है और उसका मालिकाना हक ‘यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड’ के पास है।
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ऐसा बताया जाता है कि खड़गे ‘यंग इंडियन’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं और बंसल (73) एजेएल के प्रबंध निदेशक एवं कांग्रेस के अंतरिम कोषाध्यक्ष भी हैं। अधिकारियों ने बताया कि कांग्रेस के दिग्गज नेताओं से पूछताछ शेयरधारिता की प्रणाली, वित्तीय लेनदेन और ‘यंग इंडियन’ एवं एजेएल के प्रवर्तकों की भूमिका को समझने के लिए ईडी की जांच का हिस्सा है।
सूत्रों ने बताया था कि 2013 में बीजेपी के नेता एवं सांसद सुब्रमण्यन स्वामी द्वारा दर्ज कराई गई आपराधिक शिकायत के आधार पर यहां एक निचली अदालत ने ‘यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड’ के खिलाफ आयकर विभाग की जांच का संज्ञान लिया था। इसके बाद एजेंसी ने पीएमएलए के आपराधिक प्रावधानों के तहत एक ताजा मामला दर्ज किया था। एजेंसी ‘यंग इंडियन’ के अन्य प्रवर्तकों के खिलाफ भी जल्द ही समन जारी कर सकती है।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके पुत्र राहुल गांधी ‘यंग इंडियन’ के प्रवर्तकों और शेयरधारकों में शामिल हैं। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने खड़गे से प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ को लेकर सोमवार को आरोप लगाया था कि सरकार दलित नेताओं का अपमानित करना चाहती है।


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