भारतीय एथलेटिक्स के पोस्टर बॉय नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर अपने प्रदर्शन से देशवासियों का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। हाल ही में आयोजित हुए एनसी क्लासिक टूर्नामेंट के पहले संस्करण में नीरज ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। इस टूर्नामेंट में उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 86.18 मीटर रहा, जो इस प्रतियोगिता का सबसे लंबा थ्रो भी साबित हुआ। इस प्रतियोगिता में नीरज चोपड़ा के अलावा चार और भारतीय जैवलिन थ्रोअर्स ने हिस्सा लिया सचिन यादव, साहिल सिलवाल, रोहित यादव और यशवीर सिंह। हालांकि, इन सभी में नीरज का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा और उन्होंने साबित कर दिया कि वह आज भी भारत के सबसे बेहतरीन भाला फेंक खिलाड़ी हैं .
जैसे ही नीरज ग्राउंड में थ्रो करने के लिए पहुंचे, स्टेडियम में मौजूद फैंस की चीयरिंग से माहौल रोमांचित हो उठा। हर कोई उन्हें देखना चाहता था, महसूस करना चाहता था कि यह वही खिलाड़ी है जिसने टोक्यो में इतिहास रचा था। हालांकि, मुकाबले की शुरुआत उनके लिए अच्छी नहीं रही। पहला थ्रो फाउल हो गया, जिससे फैंस में थोड़ी मायूसी दिखी। लेकिन नीरज ने जल्द ही वापसी की और दूसरे थ्रो में 82.99 मीटर की दूरी तय करते हुए बढ़त बना ली। तीसरे थ्रो में उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखाया और 86.18 मीटर दूर भाला फेंककर लीड को और मजबूत कर लिया। इसके बाद चौथा थ्रो फिर से फाउल हो गया, लेकिन पांचवां थ्रो 84.07 मीटर और अंतिम थ्रो 82.22 मीटर रहा। अंततः नीरज के किसी भी थ्रो को कोई भी प्रतियोगी पार नहीं कर पाया।
भले ही नीरज ने पहला स्थान हासिल किया, लेकिन प्रतियोगिता में मुकाबला कड़ा रहा। केन्या के जूलियस येगो ने 84.51 मीटर के थ्रो के साथ दूसरा स्थान पाया, जबकि श्रीलंका के रुमेश पथिरेज ने 84.34 मीटर थ्रो कर तीसरा स्थान हासिल किया। रुमेश ने शुरुआत में बढ़त बना ली थी, लेकिन वह नीरज के दबाव में उसे बनाए नहीं रख सके। नीरज चोपड़ा ना सिर्फ एक टूर्नामेंट के विजेता हैं, बल्कि ओलंपिक में दो मेडल जीतने वाले भारत के पहले जैवलिन एथलीट भी हैं। उन्होंने 2020 टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड और 2024 पेरिस ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचा है। वे भारतीय खेलों के उस चेहरे का प्रतिनिधित्व करते हैं जो अब सिर्फ संघर्ष की नहीं, सफलता की कहानी भी है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले नीरज ने अपने कोच और मेंटर जान जेलेजनी को सम्मानित किया। जान जेलेजनी चेक गणराज्य के महान भाला फेंक खिलाड़ी हैं और 98.48 मीटर के विश्व रिकॉर्ड के मालिक हैं। नीरज की यह विनम्रता और अपने कोच के प्रति सम्मान उन्हें एक सच्चा खिलाड़ी और आदर्श एथलीट बनाता है। गौरतलब है कि एनसी क्लासिक टूर्नामेंट का आयोजन पहले पंचकुला, हरियाणा में होना था, लेकिन लाइटिंग की सही व्यवस्था न होने के कारण इसे बेंगलुरु में शिफ्ट किया गया। इसके बावजूद टूर्नामेंट का आयोजन सफल रहा और दर्शकों को उच्च स्तरीय मुकाबले देखने को मिले।


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