NIA ने IM के आतंकिओ को 10 साल की सजा सुनाई

Summary :

देश की सुरक्षा के लिए तैनात जवान को तो सभी देख लेते है , वो सैनिक जो देश के दुशमन को सीमा से ही दूर कर मार देते है , लेकिन देश के भीतर छुपे दुश्मनो से लड़ना हमारी ख़ुफ़िया संस्थानों को आता है।

देश की सुरक्षा के लिए तैनात जवान को तो सभी देख लेते है , वो सैनिक जो देश के दुशमन को सीमा से ही दूर कर मार देते है , लेकिन देश के भीतर छुपे दुश्मनो से लड़ना हमारी ख़ुफ़िया संस्थानों को आता है। ख़ुफ़िया संस्थान के साथ जांच एजेंसी की भी भूमिका बहुत अहम है।दिल्ली की राष्ट्रीय जांच एजेंसी अदालत ने मुजाहिदीन के चार अंतिकी दानिश अंसारी, आफताब आलम, इमरान खान और ओबैद-उर-रहमान को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं और सख्त गैरकानूनी के तहत दोषी ठहराया था।  अदालत ने आतंकवादी हमले करके देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की आपराधिक साजिश रचने के आरोप में बुधवार को इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के चार आतंकियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
10 साल की कठोर कारावास (आरआई) और 2,000/- रुपये का जुर्माना
अपराधों के लिए अपनी भूमिका स्वीकार की और दिनांक 07.07.2023 के फैसले के तहत सभी को दोषी ठहराया।विशेष न्यायाधीश शैलेन्द्र मलिक ने दानिश अंसारी के खिलाफ सजा का आदेश पारित करते हुए कहा कि दोषी दानिश अंसारी 21.01.2013 से न्यायिक हिरासत में है, किसी अन्य आपराधिक मामले में शामिल नहीं है और बताया गया है कि वह उच्च माध्यमिक तक शिक्षित है, इसलिए उसे आदेश दिया जाता है। धारा 18 यूए (पी) अधिनियम के तहत अपराध के लिए 10 साल की कठोर कारावास (आरआई) और 2,000/- रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा, जुर्माना का भुगतान न करने पर 06 महीने के लिए अतिरिक्त एसआई भुगतना होगा। 
सजा की अवधि  न्यायिक हिरासत में होने के कारण समाप्त 
उसे यूए(पी) अधिनियम की धारा 38(2) के तहत अपराध के लिए 10 साल के लिए आरआई और साथ ही यूए(पी) अधिनियम की धारा 39(2) के तहत अपराध के लिए 10 साल के लिए आरआई की सजा सुनाई गई है। उसने जोड़ा। अदालत ने कहा, चूंकि इस दोषी को दी गई सजा की अवधि 21.01.2013 से न्यायिक हिरासत में होने के कारण समाप्त हो गई है, इसलिए यह ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है कि इस आरोपी/दोषी को रिहा कर दिया जाए, यदि किसी अन्य मामले में इसकी आवश्यकता न हो।
आतंकवादी कृत्य के लिए धन जुटाना
आफताब आलम, इमरान खान और ओबैद-उर-रहमान के लिए अदालत ने कहा, सजा पाए दोषियों को यूए (पी) अधिनियम 38 (2) के तहत अपराध के लिए 10 साल के लिए आरआई से गुजरना होगा और साथ ही धारा के तहत अपराध के लिए कारावास भी होगा। यूए(पी) अधिनियम की धारा 39(2)। और 10 साल की सजा एक साथ चलाने का आदेश दिया गया है. बताया गया है कि उक्त दोषी 05.02.2013 से न्यायिक हिरासत में है। एनआईए ने सितंबर 2012 में आईपीसी की धारा 121ए (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश) और 123 (युद्ध छेड़ने की योजना को सुविधाजनक बनाने के इरादे से छिपाना) और धारा 17 (आतंकवादी कृत्य के लिए धन जुटाना) के तहत मामला दर्ज किया था। यूएपीए की धारा 18 (आतंकवादी कृत्य करने की साजिश), 18ए (आतंकवादी शिविर आयोजित करना), 18बी (आतंकवादी कृत्य के लिए व्यक्तियों की भर्ती करना) और 20 (आतंकवादी संगठन का सदस्य होना)।
आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने के लिए बड़े पैमाने पर भर्ती
इससे पहले, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अदालत को सूचित किया कि मोहम्मद दानिश अंसारी इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) का एक प्रमुख संचालक है। दानिश अंसारी को इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के संस्थापकों में से एक यासीन भटकल का करीबी सहयोगी भी कहा जाता है, जिसे 2013 में एनआईए ने दरभंगा में गिरफ्तार किया था। एनआईए की चार्जशीट के अनुसार, आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) अपने कुछ पदाधिकारियों के साथ मिलकर देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने के लिए बड़े पैमाने पर भर्ती/नए सदस्यों को शामिल कर रहा है। भारत में विशेष रूप से दिल्ली में महत्वपूर्ण और प्रमुख स्थानों पर बम विस्फोट करके आतंकवादी कृत्य को अंजाम देने के लिए उनके पाकिस्तान स्थित सहयोगियों और देश के भीतर उनके स्लीपर सेल से सक्रिय सहायता और समर्थन प्राप्त हुआ।
भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की आईएम की बड़ी साजिश
एनआईए ने आरोप पत्र में आगे कहा कि, स्रोत जानकारी से पता चला है कि इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के गुर्गों और उसके प्रमुख संगठनों को अपनी आतंकी गतिविधियों को वित्तपोषित करने के लिए विदेशों से नियमित धन मिल रहा है।
जांच के दौरान अन्य आईएम गुर्गों की भूमिका सामने आई, जिनमें मोहम्मद दानिश अंसारी उर्फ अब्दुल वाहेब उर्फ सलीम उर्फ अब्दुल्ला, मोहम्मद आफताब आलम उर्फ फारूक उर्फ शेखचिल्ली उर्फ हाफिज जी, इमरान खान उर्फ जकारिया उर्फ सलीम उर्फ फजल उर्फ तबरेज उर्फ राज उर्फ पटेल और ओबैद उर रहमान और एक अन्य ने घटना को अंजाम दिया। वे भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की आईएम की बड़ी साजिश में शामिल थे।  

Desk Team