नर्सिंग एक पेशा जिसमे हमेशा हर वक्त आपातकाल की तरह तैयार रहना होता है। आम लोग तो अपने त्यौहार माना लेते लेकिन स्वास्थ्य कर्मी हमेशा सेवा में तत्पर रहते है। अस्तपताल में आपातकाल वार्ड चिकिस्तक से पहले नर्स से मुलाकात होती है डॉक्टर तो दवाई के विषय में बता कर चले जाते है उनके बाद मरीजों की देखभाल नर्स करते है। ये वो स्वस्थ्यकर्मी होते है जो घर वालो के बाद मरीज की देखभाल करते है। दिन – रात मानव समाज की सेवा में कार्यरत नर्सिंग पेशेवरों को राष्ट्रपति भवन में सम्मनित किया। 

कुल 30 स्वास्थ्य सहयोगियों को प्रतिष्ठित पुरस्कार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में नर्सिंग पेशेवरों को वर्ष 2022 और 2023 के लिए राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किए।राष्ट्रपति ने कुल 30 स्वास्थ्य सहयोगियों को प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया।

समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया भी
राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार की स्थापना केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 1973 में नर्सों और नर्सिंग पेशेवरों द्वारा समाज को प्रदान की गई सराहनीय सेवाओं के सम्मान के रूप में की गई थी। कुल पुरस्कार विजेताओं में से 10 सहायक नर्स और दाइयां (एएनएम), 4 महिला स्वास्थ्य आगंतुक और 16 नर्सें थीं।
समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया भी मौजूद थे।


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