केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि सभी दलों को समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए सामूहिक प्रयास करना चाहिए, क्योंकि यह राष्ट्र और मानवता के लिए अच्छा होगा।गडकरी ने ‘एजेंडा आजतक’ कार्यक्रम में समान नागरिक संहिता के सवाल पर कहा, ‘‘ अगर कोई पुरुष, किसी महिला से शादी करता है तो नैसर्गिक है। लेकिन कोई चार शादी करता है, तो अप्राकृतिक है। इसलिए प्रगतिशील और शिक्षित मुस्लिम यह नहीं करते हैं।’’
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा, ‘‘समाज में गुणात्मक परिवर्तन होने चाहिए। यह किसी धर्म या वर्ग के खिलाफ नहीं है। हमें एकजुट होकर विकसित राष्ट्र बनाना चाहिए।’’उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी भी धर्म की महिला को चाहे वह हिंदू हो , मुस्लिम हो या सिख हो उन्हें समान अधिकार नहीं मिलना चाहिए? गडकरी ने पूछा कि दुनिया के किस मुस्लिम देश में दो नागरिक संहिता है?
मानवता एवं राष्ट्र के लिए होगा अच्छा
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘अगर केंद्र सरकार किसी मुद्दे पर कोई फैसला लेती है और राज्य आपत्ति करते हैं, तो इससे बाहर जो संदेश जाएगा वो अच्छा नहीं होगा, क्योंकि ऐसे मामले समवर्ती सूची में है। इसलिए मेरा मानना है कि अगर राज्य और सभी पार्टी सामूहिक रूप से फैसला लेते हैं, तो यह मानवता एवं राष्ट्र के लिए अच्छा होगा।’’उल्लेखनीय है कि हाल में संपन्न गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में समान नागरिक संहिता को लागू करना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रमुख मुद्दों में शामिल था। गुजरात सरकार ने 29 अक्टूबर को घोषणा की थी कि वह समान नागरिक संहिता लागू करने लिए समिति का गठन करेगी। यह फैसला उस दिन राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया था।


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