नीतीश की विपक्ष को एकजुट करने की मुहिम आरम्भ से पहले ही हुई फेल? रैली से नदारद रहे कई नेता

भारतीय जनता पार्टी को लोकसभा चुनाव में टक्कर देने के लिए विपक्ष की ओर से एनडीए के खिलाफ ‘महागठबंधन’ बनाने की पूरी कोशिश हो रही है।

भारतीय जनता पार्टी को लोकसभा चुनाव में टक्कर देने के लिए विपक्ष की ओर से एनडीए के खिलाफ ‘महागठबंधन’ बनाने की पूरी कोशिश हो रही है। लेकिन, अभी तक एकजुटता का असर दिखाई देना शुरू नहीं हुआ है। क्योंकि, बीते दिन हरियाणा में इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) ने रैली आयोजित की थी, जिसमें कई बड़े नेता शामिल हुए थे। 
वही, इन नेताओं ने रैली में शामिल होकर विपक्ष को एकजुट होने की अपील की थी, लेकिन रैली से कुछ अहम पार्टियां और उसके नेता नदारद रहे थे। जिससे कई सवाल अब उठने लगे है। इस रैली में बिहार सीएम नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी, शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर सिंह बादल, एनसीपी के शरद पवार, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सीताराम येचुरी व शिवसेना के अरविंद सावंत जैसे बड़े नेता शामिल हुए थे। 
नीतीश कुमार विपक्ष को करेंगे एकजुट 
इन नेताओं ने एक मंच से खड़े होकर लोकसभा चुनाव में विपक्ष को एकजुट होने की अपील की थी। लेकिन जनता की निगाहें अन्य कई नेताओं को तलाश रही थी, जो विपक्ष के सबसे बड़े चेहरे माने जाते है। जिसमें DMK, TRS और TMC के नेताओं का भी नाम शामिल है। हालांकि, ऐसे कई और नेता भी थे, जो रैली में शामिल नहीं हुए लेकिन उन्होंने अपनी मजबूरी का हवाला देकर माफ़ी मांगी। 
हम आपको बता दें, बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने विपक्ष को एकजुट करने की मुहिम शुरू की है। इसके लिए उन्होंने पिछले माह अरविंद केजरीवाल से लेकर राहुल गांधी तक से मुलाकात की थी। नीतीश कुमार भी अपने बयान में कई बार बोल चुके है की वो विपक्ष को एक करने की कोशिश करते रहेंगे, क्योंकि बीजेपी को 2024 में हटाना है। 

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