दिल्ली में बुलडोजर चलाए जाने पर केंद्रीय मंत्री नकवी बोले- इसे सांप्रादायिक रंग देने की जरूरत नहीं

मुख्तार अब्बास नकवी ने दिल्ली के शाहीन बाग एवं कुछ अन्य इलाकों में नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की विपक्षी दलों द्वारा आलोचना किए जाने पर पलटवार करते हुए मंगलवार को कहा कि गैरकानूनी कब्जे के खिलाफ बुलडोजर चलाए जाने को सांप्रादायिक रंग देने की जरूरत नहीं है।

केंद्र की मोदी सरकार में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने दिल्ली के शाहीन बाग एवं कुछ अन्य इलाकों में नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की विपक्षी दलों द्वारा आलोचना किए जाने पर पलटवार करते हुए मंगलवार को कहा कि गैरकानूनी कब्जे के खिलाफ बुलडोजर चलाए जाने को सांप्रादायिक रंग देने की जरूरत नहीं है।  
बुलडोजर पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी 
नगर निगम के अधिकारी सोमवार को बुलडोजर के साथ शाहीन बाग पहुंचे थे, लेकिन स्थानीय लोगों तथा नेताओं के विरोध-प्रदर्शन के बाद वे बिना कोई कार्रवाई किए ही लौट गए थे। कांग्रेस और आदमी पार्टी के नेताओं का आरोप है कि भाजपा शासित नगर निगम अल्पसंख्यक बहुल इलाकों को निशाना बना रहा है।  
अगर कोई गैरकानूनी गतिविधि होती है तो.. 
नकवी ने इस विषय पर कहा, ‘‘किसी भी ‘क्रिमनल एक्ट’ (आपराधिक कृत्य) को कम्यूनल कलर (सांप्रदायिक रंग) देने का फैशन हो गया है। अगर कोई गैरकानूनी गतिविधि होती है तो उसमें कानूनी कार्रवाई की जाती है। इस तरह की कार्रवाई का सहयोग करना चाहिए, इसे सांप्रदायिक रंग नहीं देना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल ऐसे मामलों में छद्म धर्मनिरपेक्षता का परिचय देते हैं।  
नकवी ने विपक्षी दलों को घेरा 
नकवी ने विपक्षी नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘मैंने कहा है कि ‘बुलडोजर बदनाम हुआ एन्क्रोचमेंट तेरे लिए।’ एनक्रोचमेंट कभी किसी के लिए सुरक्षित निवेश नहीं हो सकता।’’ उन्होंने विपक्षी नेताओं के इस आरोप भी सिरे से खारिज कर दिया कि बुलडोजर की कार्रवाई में भेदभाव किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘बिना भेदभाव के कार्रवाई होती है। अल्पसंख्यकों के सभी अधिकार सुरक्षित हैं और रहेंगे। अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई को सांप्रदायिक रंग देने की जरूरत नहीं है।’’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

one × one =

पंजाब केसरी एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जो भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के कई केंद्रों से प्रकाशित होता है।