कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि आज हुई विपक्षी दलों की बैठक में ज्यादातर पार्टियों ने फैसला किया कि वे संसद की कार्यवाही में भाग लेंगे और ‘अडाणी महाघोटाले’ की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने की मांग उठाते रहेंगे।बता दें कि राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के, संसद भवन स्थित कक्ष में 15 दलों के नेताओं ने बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की।
बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ज्यादातर विपक्षी दलों ने फैसला किया है कि वे संसद की कार्यवाही में भाग लेंगे और अडाणी महाघोटाले की जांच के लिए जेपीसी की मांग उठाते रहेंगे।
अधिकांश विपक्षी दलों ने आज से संसदीय कार्यवाही में भाग लेने का फैसला किया है और प्रधानमंत्री से जुड़े अडानी महाघोटाले के लिए JPC की अपनी मांग जारी रखेंगे।
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) February 7, 2023
सरकार ने सोमवार को विपक्ष के साथ संपर्क साधा था
इससे पहले रमेश ने आरोप लगाया था कि सरकार ने संसद में मौजूदा गतिरोध को खत्म करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया।उन्होंने ने यह भी कहा था कि विपक्ष चाहता है कि संसद चले, लेकिन मोदी सरकार डरी हुई है।दरअसल, सोमवार को ही ऐसे संकेत मिले थे कि संसद के दोनों सदनों में पिछले कुछ दिनों से चला आ रहा गतिरोध मंगलवार को खत्म हो सकता है तथा राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो सकती है क्योंकि सरकार ने सोमवार को विपक्ष के साथ संपर्क साधा था।
वित्त मंत्री ने किया था आम बजट पेश
संसद में विपक्ष द्वारा अडाणी समूह से जुड़े मुद्दे पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) या उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराने की मांग पर जोर दिए जाने के कारण जारी गतिरोध सोमवार को भी कायम रहा और दोनों सदनों की बैठक को एक बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया।पिछले सप्ताह बृहस्पतिवार और शुक्रवार को भी इसी मुद्दे को लेकर दोनों सदनों में गतिरोध बना रहा था।संसद का बजट सत्र गत मंगलवार, 31 जनवरी को शुरू हुआ था और उस रोज दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अभिभाषण हुआ था। एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 2023-24 का आम बजट पेश किया था।


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