सरकार ने सोमवार को कहा कि जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के परिसरों में हिंसा की खबरें हैं लेकिन इलाहाबाद विश्वविद्यालय में इस तरह की कोई घटना सामने नहीं आई। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने लोकसभा में कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय वैधानिक स्वायत्त संस्थान होते हैं और विश्वविद्यालय अपनी कार्यकारी परिषद, अकादमिक परिषद और कोर्ट आदि इकाइयों की मंजूरी से सभी प्रशासनिक और अकादमिक फैसले लेते हैं।
उन्होंने प्रश्नकाल में कहा, ‘‘जेएमआई और एएमयू में हिंसा की खबरें हैं। हालांकि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के परिसर में इस तरह की कोई घटना दर्ज नहीं की गयी। जेएमआई ने परिसर में हिंसा की घटना की जांच के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति के गठन का अनुरोध किया।’’
मंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था का विषय होने के नाते संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई के लिए अनुरोध भेज दिया गया है। प्रश्नकाल में पूरक प्रश्न पूछते हुए एआईएमआईएम (AIMIM) के सदस्य असदुदद्दीन ओवैसी ने कहा हम जामिया के बच्चों के साथ हैं और ये हुकुमत बच्चों पर जुल्म कर रही है। आप जानते हैं कि एक बच्चे की आंख चली गई और बेटियों को मारा गया, शर्म करो। हालांकि प्रश्नकाल समाप्त होने की वजह से उनके पूरक प्रश्न पर मंत्री की ओर से कोई उत्तर नहीं दिया जा सका।


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