नयी दिल्ली : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि पड़ोसी देश द्वारा आतंकवाद को समर्थन भारत के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि देश ने आतंक के नेटवर्क और उनके संरक्षकों के मंसूबे ध्वस्त करने की क्षमता प्रदर्शित की है। एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सिंह ने कई भारतीय राजनयिक मिशन पर दस नए रक्षा विंग स्थापित करने की घोषणा भी की है ताकि और अधिक रक्षा अताशे की नियुक्ति की जा सके। विश्वभर में नियुक्त भारत के रक्षा अताशे के सम्मेलन में उन्होंने कहा, “इससे भारत की रक्षा कूटनीति को और मजबूती मिलेगी।”
आतंकवाद के खतरे पर सिंह ने स्पष्ट रूप से पाकिस्तान का हवाला देते हुए कहा कि आतंकी ढांचे की मौजूदगी और पाकिस्तान की सरकार द्वारा आतंकवादियों को मिलता समर्थन भारत के धैर्य को चुनौती है। रक्षा मंत्री ने कहा, “एक जिम्मेदार और शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में भारत ने यह दिखाया है कि वह आतंकी संगठनों और उनके संरक्षकों के मंसूबों को ध्वस्त करने में सक्षम है।”
सिंह ने कहा, “भारत के लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान में स्थित जैश ए मोहम्मद के आतंकी प्रशिक्षण शिविरों पर छह फरवरी 2019 को हमला कर कश्मीर में शहीद हुए 40 अर्धसैनिक बल के जवानों की हत्या का बदला लिया। इस हमले ने सीमापार से प्रायोजित आतंकवाद से लड़ने में भारत की भूमिका में आए सैद्धांतिक बदलाव को परिलक्षित किया।” रक्षा मंत्री ने कहा कि आतंक और उससे संबंधित हिंसा ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा वातावरण को गंभीर चुनौती दी है। रक्षा मंत्री ने भारतीय महासागर और भारत-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा के प्रति खतरे पर भी चिंता व्यक्त की।


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